चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने लगभग 55 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन वह आज भी यह नहीं बता सकती कि उसके शासनकाल में कितने लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण के लिए लागू की गई नीतियों और योजनाओं के परिणामस्वरूप लगभग 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र के प्रति समर्पण की यात्रा के रहे हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव आज देश की जनता स्वयं अनुभव कर रही है।
पंचकूला में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यों का मुकाबला करने के लिए न कोई नीति है, न मुद्दा और न ही कोई ठोस एजेंडा। इसलिए कांग्रेस के नेता बाहर से लिखी स्क्रिप्ट लेकर प्रधानमंत्री को बदनाम करने का प्रयास करते हैं, लेकिन देश की जनता प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की निरंतर सेवा, त्याग और तपस्या की साक्षी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना रुके और बिना थके देश तथा देशवासियों की सेवा की है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और अपने लंबे शासनकाल के दौरान गरीब, महिला और युवा के लिए किए गए कार्यों पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस के पास गरीबों के आंकड़े थे, गरीबी से बाहर निकालने का नहीं कोई हिसाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीब और गरीब होता गया। कांग्रेस के पास गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के आंकड़े तो थे, लेकिन वह आज भी यह नहीं बता सकती कि उसके शासनकाल में कितने गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीबों का शोषण किया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब के सम्मान और उसके जीवन स्तर में सुधार को सरकार की नीतियों के केंद्र में रखा। गरीब कल्याण की इसी सोच का परिणाम है कि लगभग 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब को पक्की छत देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब-कल्याण की सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हरियाणा में गरीब परिवारों को लगभग 1 लाख 60 हजार मकान बनाकर दिए गए हैं। यह केवल पक्की छत उपलब्ध करवाने का कार्य नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा में 12,500 से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और 19 यूनिकॉर्न उभर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज बेहतर सड़कों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाते हुए यह कहना कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कुछ नहीं किया, कांग्रेस की राजनीति के विरोधाभास को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने से कांग्रेस को नहीं मिलेगा जनता का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुद्दों से खाली कांग्रेस के पास अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने के अलावा कुछ नहीं बचा है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना उस गरीब का अपमान है, जिसे पक्का घर मिला है; उस महिला का अपमान है, जिसे सम्मान मिला है और उस युवा का अपमान है, जिसे आगे बढ़ने के नए अवसर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोसने और अपशब्द कहने से कांग्रेस की राजनीतिक भूख शांत नहीं होगी। जनता का विश्वास प्राप्त करने के लिए कांग्रेस को गरीब, महिला और युवा के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल विरोध की राजनीति कर रहा है। आलोचना करना और अपशब्द कहना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है और ऐसा लगता है कि यह उसके राजनीतिक डीएनए में समा गया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उसे सरकार का विरोध करने का अधिकार है। हम भी विपक्ष में रहे हैं और उस समय जनता की आवाज को मजबूती से उठाया है। लेकिन आज कांग्रेस के पास न कोई मुद्दा बचा है, न नीति और न ही कोई ठोस एजेंडा। उन्होंने कहा कि सुबह उठकर झूठ बोलना और रात को झूठ बोलकर सो जाना ही कांग्रेस की राजनीति बनकर रह गई है।
पंजाब को नशामुक्त करने के वादों की हकीकत जनता के सामने
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सत्ता में आने से पहले वहां की सरकार ने प्रदेश को नशामुक्त करने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज नशे के खिलाफ उनकी लड़ाई की हकीकत सबके सामने है।
उन्होंने कहा कि नशे से परेशान एक बेबस पिता ने पंजाब के मंत्री के सामने गुहार लगाई, लेकिन उसकी पुकार नहीं सुनी गई और आखिरकार उसे अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इनकी राजनीति का सच यही है कि बोलते कुछ हैं और करते कुछ हैं। झूठे वादों और खोखले दावों से अब पंजाब की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता। जनता वादों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझ चुकी है।


