Wednesday, April 1, 2026
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रोहतक में क्लर्क को सरकारी सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया, पढ़ें- क्या था मामला…

रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत (निलंबित) क्लर्क कोमल के विरुद्ध गंभीर कदाचार के प्रमाणित होने पर उसे सरकारी सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं।

सचिन गुप्ता ने बताया कि कोमल के विरुद्ध हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत विभिन्न आरोप-पत्र जारी किए गए थे। जांच के दौरान उन पर चिकित्सा प्रमाण पत्रों में जालसाजी/छेड़छाड़, ड्यूटी से बार-बार एवं जानबूझकर अनुपस्थित रहना, सहकर्मियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति दुर्व्यवहार, अनुशासनहीनता तथा आपराधिक मामले में संलिप्तता जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि नियमित विभागीय जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच अधिकारी द्वारा मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों, जिसमें पीजीआईएमएस रोहतक से चिकित्सा अभिलेखों का सत्यापन भी शामिल था, के आधार पर प्रस्तुत रिपोर्ट में चिकित्सा प्रमाण पत्रों में जालसाजी एवं ड्यूटी से अनुपस्थिति के आरोप सिद्ध पाए गए।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि आरोपित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए गए। अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी करने के पश्चात प्राप्त उत्तर असंतोषजनक पाया गया। इसके अतिरिक्त, व्यक्तिगत सुनवाई एवं बाद में प्रस्तुत अभ्यावेदनों में भी कोई नया तथ्य या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे मामले पर पुनर्विचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जांच में सिद्ध कदाचार अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, जो सरकारी सेवा में अपेक्षित अनुशासन, ईमानदारी एवं विश्वास को प्रभावित करता है। कर्मचारी का आचरण निरंतर अनुशासनहीनता एवं सुधार न होने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

सचिन गुप्ता ने कहा कि समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट है कि इस प्रकार के गंभीर कदाचार के लिए बर्खास्तगी से कम कोई भी दंड उपयुक्त नहीं है। अत: हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत कोमल, क्लर्क (निलंबित), को जनहित में तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया है।

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