हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारा संकल्प पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, बेहतर अवसंरचना और अत्याधुनिक प्रशिक्षण से सशक्त बनाकर हरियाणा की कानून-व्यवस्था को देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5500 नए पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को कमांडो प्रशिक्षण केंद्र पंचकूला में स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस कोर्स में 88 जवानों, जिसमें 11 पी.एस.आई. और 77 अन्य रैंक के जवान शामिल हैं, को आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का ऐसा संगम है जो जवानों को वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुभव प्रदान करेगा। यह केंद्र जवानों को बिना जोखिम के जटिल परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर देगा, उनकी प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाएगा और उनकी फायरिंग सटीकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला की स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी और 4 मार्च, 1985 से यहां औपचारिक रूप से कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उस समय प्रदेश के समक्ष उभरती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र की परिकल्पना की गई थी, ताकि विशेष अभियानों के लिए उच्च प्रशिक्षित बल तैयार किया जा सके। लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में फैला यह प्रशिक्षण केंद्र आज हरियाणा पुलिस की शौर्यगाथा का जीवंत अध्याय बन चुका है। यहां बेसिक कमांडो कोर्स से लेकर स्वैट कमांडो कोर्स सहित 12 प्रकार के विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब तक यहां से 25 हजार 700 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रदेश और देश की सेवा में समर्पित हो चुके हैं।
कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा
मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई जवान स्वैट कमांडो बनता है, तो वह केवल एक रैंक नहीं पाता बल्कि वह राज्य की सुरक्षा का सबसे सशक्त प्रहरी बन जाता है। उन्होंने कहा कि स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान जवानों ने एंटी-टेरर ऑपरेशन, क्लोज क्वार्टर बैटल, ड्रोन ऑपरेशन, आईईडी हैंडलिंग और फायर फाइटिंग जैसी विशेष तकनीकों में दक्षता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय पारंपरिक अपराधों से आगे बढ़ चुका है। आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर-समर्थित हमले और ड्रोन आधारित खतरे जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं। ऐसे समय में स्वैट जैसी विशेष इकाई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा। यहाँ सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल और इंटर-एजेंसी संयुक्त अभ्यास को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि हर जवान केवल शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी पूरी तरह सक्षम हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कमांडो को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में विभिन्न सुरक्षा उपकरणों और आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशकअजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री सैनी पुलिस विभाग के कल्याण और सुधार के लिए सदैव तत्पर रहते है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि पुलिस के जवानों का मनोबल कभी कम नहीं होना चाहिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी श्री सौरभ सिंह ने स्वैट कमांडो कोर्स पूरा करने वाले सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन महीने के कोर्स के दौरान जवानों को गंभीर परिस्थितियों से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान स्वैट कमांडो द्वारा वॉक अबाउट ड्रिल, होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन, योग, टाईल ब्रेकिंग, लाइव फायरिंग व अन्य साहसिक गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) अमिताभ ढिल्लो, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय कुमार, पुलिस आयुक्त पंचकूला शिबास कविराज, आईजीपी (क्राइम) राकेश आर्य, आईजीपी सिक्योरिटी पंकज नैन, आईजीपी सीआईडी अशोक कुमार, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

