चण्डीगढ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे ज्ञान, विनम्रता, सफलता, संवेदनशीलता और शक्ति के साथ सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यही हमारे महान गुरुओं का संदेश और जीवन का मार्गदर्शन है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चण्डीगढ के श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज के 61 वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सिख एजुकेशन सोसायटी को 11 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने सिख एजुकेशन सोसायटी की सराहना करते हुए कहा कि समारोह में आकर उन्हें अत्यंत गर्व और गौरव की अनुभूति हो रही है। यह समारोह धर्म, शौर्य और बलिदान के प्रतीक दसवें पातशाह, श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि जब हम श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का स्मरण करते हैं, तो आंखों के सामने एक वीर योद्धा का स्वरूप उभर कर आता है जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानवता, धर्म और न्याय के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने हमें सिखाया कि सिर कटाया जा सकता है, पर सिद्धांत नहीं, शरीर मिट सकता है, पर आत्मसम्मान नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज का यह स्थापना दिवस उस महान परंपरा, विचारधारा और चेतना का उत्सव है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को जागृत रखा है, जो कॉलेज के स्थापना वर्ष 1966 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर की गई थी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुरु जी ने त्याग, साहस व मानवता का संदेश दिया, उसी प्रकार इस कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु जी के महान गुणों का विकास करना है और यही इस कॉलेज की आत्मा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भी अहम भूमिका होती है जो केवल पाठ्यक्रम ही नहीं पढ़ाते बल्कि जीवन का मार्ग भी दिखाते हैं। इसके अलावा गुरु परम्परा का निर्वहन करते हुए शिक्षक ज्ञान के साथ साथ बच्चों को संस्कारवान बनाने का भी कार्य करते हैं।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज केवल शिक्षा ज्ञान प्रदान करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और मानव निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। इस काॅलेज ने देश को ऐसे प्रतिभाशाली महानुभाव दिए हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्चा धर्म बताते हुए डर से नहीं, धर्म से जियो, स्वार्थ से नहीं, सेवा से जियो का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान की नींव ही त्याग, बलिदान, साहस और सत्य जैसे मूल्यों पर रखी गई है। हरियाणा सरकार भी प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्य और रोजगार के समान अवसर दिलाने के लिए कृतसंकल्प है। इसके लिए हरियाणा में शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल और रोजगार आदि हर क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उच्चतर शिक्षा, अनुसंधान एवं शोध के लिए हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया गया, जिसमें अब तक 360 से अधिक परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी के अनुरूप ढालने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। हर जिले में एक राजकीय मॉडल संस्कृति महाविद्यालय तथा 20 किलोमीटर के दायरे में एक काॅलेज खोलने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति की सफलता, प्रभावी मापनीय व समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु पंचकूला में इंटेलिजेंट डेटा ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, नीव पोर्टल शुरू किया गया है जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएं और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गुरुओं की शिक्षाओं व सिद्धातों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक प्रयास कर रही है। कुरुक्षेत्र में आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें राज्य स्तरीय शहीदी समागम में प्रधानमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इसके अलावा असंध कॉलेज का नामकरण बाबा फतेह सिंह जी तथा नाडा साहिब से कपालमोचन तक राज्य राजमार्ग का नाम भी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी मार्ग रखा गया है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार भावी पीढ़ी को रोजगारपरक, चरित्रवान, और नैतिक गुणों से युक्त शिक्षा मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए युवाओं को पढ़ाई के प्रति गंभीर करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिना पर्ची, खर्ची के एक लाख 80 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कार्यक्रम में पहुंचने पर सोसायटी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर सिख एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सरदार गुरदेव सिंह बराड़, उपाध्यक्ष सरदार कुलबीर सिंह, सचिव कर्नल जसमेर सिंह बाला, प्राधानाचार्य जसविन्दर सिंह सहित शिक्षक एवं युवा उपस्थित रहे।

