चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में किफायती आवास नीति-2013 (Affordable Housing Policy-2013) में समय-समय पर किए गए संशोधनों सहित संशोधन को मंजूरी प्रदान की। यह मंजूरी हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 (Act No. 8 of 1975) की धारा 9A के तहत दी गई है।
किफायती आवास नीति-2013 के क्लॉज 5(i) के तहत अपार्टमेंट यूनिट्स के आवंटन दरें निर्धारित हैं। ये दरें वर्ष 2013 में स्वीकृत की गई थीं तथा बाद में वर्ष 2021 और 2023 में संशोधित की गई थीं। उद्योग संगठनों, विशेषकर BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज आदि से प्राप्त अभ्यावेदन में परियोजना लागत, भूमि लागत, अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि तथा श्रम लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए आवंटन दरों में वृद्धि की मांग की गई थी, जिससे डेवलपर्स के लिए किफायती आवास इकाइयों का निर्माण कठिन हो रहा था।
इन अभ्यावेदनों का परीक्षण करने के बाद तथा लक्षित लाभार्थियों के लिए किफायती समूह आवास नीति के लाभों का विस्तार करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा राज्य में एजीएच (Affordable Group Housing) परियोजनाओं के तहत अपार्टमेंट यूनिट्स के आवंटन दरों में औसतन 10 से 12 प्रतिशत तक वृद्धि की जाए, ताकि ऐसी परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिल सके।
उपरोक्त दरें किफायती आवास नीति-2013 के तहत जारी सभी ऐसे लाइसेंसों पर लागू होंगी, जिनमें अभी तक आवंटन नहीं किया गया है। जिन मामलों में आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं, वहां संशोधित दरों के अनुसार अंतर राशि सफल आवेदकों से वसूली जाएगी, लेकिन ड्रा पहले प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही आयोजित किया जाएगा।
यदि कोई आवेदक संशोधित दरों पर ड्रा में भाग लेने का इच्छुक नहीं है, तो आवेदन के साथ जमा की गई राशि बिना किसी कटौती के वापस कर दी जाएगी। इस संबंध में सार्वजनिक सूचना कॉलोनाइजर द्वारा जारी की जाएगी।

