रोहतक : हरियाणा सरकार व हमारा प्रयास है कि मरीजों को सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाएं ताकि मरीजों को इधर से उधर ना भटकना पडे़। ट्रॉमा सेंटर में सड़क दुर्घटना के गंभीर मरीज आते हैं तो ऐसे में उन्हें रक्त की जरूरत पड़ने पर एमरजेंसी के साथ स्थित ब्लड बैंक में जाना पडता था, जिससे मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी होती थी। आमजन की इसी सहुलियत को देखते हुए आज ट्रॉमा सेंटर में रक्त भंडारण केंद्र शुरू किया गया है।
यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल का। वें मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर में इस केंद्र का मुख्य अतिथि के तौर पर शुभारंभ करने पहुंचे थे।
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों व आमजन को संबोधित करते हुए कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने बताया कि यह रक्त भंडारण केंद्र 24 घंटे कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह रक्त भंडारण गंभीर घायल मरीजों के लिए एक वरदान की तरह साबित हो और उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि वें इस केंद्र के लिए डाॅ. गजेंद्र व डाॅ. रागिनी को बधाई देते हैं। कुलपति डॉ. एच. के. अग्रवाल ने कहा कि यह रक्त भंडारण केंद्र ट्रॉमा सेंटर के रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा है। कुलसचिव डाॅ. रूपसिंह ने कहा कि यह केंद्र पीजीआईएमएस रोहतक की आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करेगा। निदेशक डाॅ.एस.के. सिंघल ने कहा कि यह रक्त भंडारण केंद्र ट्रॉमा रोगियों के लिए जीवनदायिनी सुविधा है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि मरीजों को जल्द से जल्द रक्त मिले ताकि रक्त के अभाव में किसी मरीज की जान ना जाए।
चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि केंद्र शुरू करना कुलपति डाॅ. अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन का परिणाम है वहीं इसके साथ ही संस्थान में मरीजों के हितों हेतु प्रतिदिन प्रयास किए जा रहे हैं।
एचओडी डॉ. गजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह केंद्र रक्त की आपूर्ति को सुनिश्चित करेगा और रोगियों को समय पर रक्त उपलब्ध कराएगा। यह संस्थान की एक बहुत बडी उपलब्धि है और हमें विभाग के चिकित्सकों पर गर्व है कि इतने कम समय में यह केंद्र स्थापित किया गया है।
डाॅ. गजेंद्र ने बताया कि संस्थान के अधिकारियों के सहयोग से केवल 3 महीने में सरकार से लाइसेंस प्राप्त करके आज इसे शुरू किया गया है, जो आपातकालीन रोगी देखभाल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
डाॅ. रागिनी ने कहा कि यह केंद्र दूसरे फ्लोर पर रूम नंबर 201 में स्थित है और यहां ट्रॉमा रोगियों के लिए पूरे रक्त की उपलब्धता है। अब ट्रॉमा सेंटर के सभी आपातकालीन रोगियों को यहां पूरे रक्त की जांच कराने की सुविधा मिलेगी और उनका काफी समय बचेगा।
डाॅ. रागिनी ने बताया कि इस केंद्र में करीब 300 यूनिट स्टोरेज की क्षमता है, वहीं प्रतिदिन ट्रॉमा में करीब 30 से अधिक यूनिट रक्त की जरूरत पडती रहती है।
इस अवसर पर डाॅ. पंकज गहलोत, डाॅ. पंकज छिक्कारा, डाॅ. सुंदर, डीएनएस हन्नी प्रभा, रमन, अंजू, अरविंद, मनोज,भारत सहित विभाग के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

