- बाजार जा रहे हैं तो रहें सावधान, कहीं आपकी चेन, बाली या पर्स पर तो नहीं है झपटमारों की नजर
कविता.रोहतक : त्योहारों का सीजन है, बाजारों में रौनक है और खरीदारी के लिए घरों से निकल रहे लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। लेकिन इस भीड़ के बीच स्नैचर भी सक्रिय हैं, जो मौका मिलते ही लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।
रोहतक में सोमवार को करीब एक घंटे के भीतर स्नैचिंग की दो वारदातों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पहले छोटूराम चौक पर एक महिला का पर्स छीन लिया गया और कुछ देर बाद ही जवाहर नगर में बुजुर्ग महिला की बाली झपट ली गई।
त्योहारों के बीच बाजारों में बढ़ती भीड़ के साथ अगर झपटमारों का खतरा भी बढ़ रहा है, तो आम लोगों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि खरीदारी के लिए घर से निकलते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
एक घंटे में दो वारदातें, बेखौफ झपटमारों का खतरा
शहर में एक के बाद एक हुई स्नैचिंग की दो घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। छोटूराम चौक पर महिला को निशाना बनाकर उसका पर्स छीन लिया गया। इस घटना के कुछ ही देर बाद जवाहर नगर में एक बुजुर्ग महिला की बाली झपट ली गई। दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या व्यस्त इलाकों में झपटमारों को पुलिस का कोई डर नहीं है। त्योहारों के दौरान जब बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, तब ऐसी घटनाएं लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा देती हैं।
त्योहारों की भीड़ में आसान शिकार बन रहे लोग
करवा चौथ समेत त्योहारों के चलते बाजारों में खरीदारी का दौर तेज है। महिलाएं कपड़े, गहने और अन्य सामान खरीदने के लिए बाजार पहुंच रही हैं। इसी भीड़ में पर्स लेकर चलने वाली महिलाएं और सोने के आभूषण पहनने वाले बुजुर्ग झपटमारों के निशाने पर आ सकते हैं। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देना और फिर मौके से निकल जाना अपराधियों के लिए आसान हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग खरीदारी के उत्साह में अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। खासकर सुनसान रास्तों, बाजार से घर लौटते समय और सड़क किनारे चलते हुए अधिक सतर्कता बरतें।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, बाजारों में निगरानी कितनी
त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ पुलिस की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में गश्त तथा निगरानी मजबूत होना जरूरी है। एक ही घंटे में दो अलग-अलग इलाकों में स्नैचिंग की घटनाएं सामने आने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अपराध रोकने के लिए कितनी प्रभावी व्यवस्था है। क्या बाजारों में पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात हैं, क्या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कितनी प्रभावी है, त्योहारों के इस सीजन में इन सवालों का जवाब जरूरी है, ताकि लोग बिना डर के खरीदारी कर सकें।
बाजार जाएं, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों की खरीदारी के लिए निकलते समय पर्स और मोबाइल को सुरक्षित रखें। सड़क पर चलते हुए पर्स को ऐसी जगह न रखें, जहां झपटमार आसानी से हाथ मार सकें। सोने की चेन, बालियां और अन्य आभूषण पहनकर निकलते समय आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। बुजुर्ग महिलाएं संभव हो तो किसी परिजन के साथ बाजार जाएं। रास्ते में कोई संदिग्ध व्यक्ति पीछा करता दिखाई दे तो सतर्क हो जाएं और जरूरत पड़ने पर नजदीकी दुकान या सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। यदि स्नैचिंग की घटना हो जाती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

