कविता.रोहतक: दिवाली पर गांव जाने की खुशी में कहीं आप अपने घर की सुरक्षा को तो नहीं भूल रहे। रोहतक में नौकरी, कारोबार और मजदूरी करने के लिए दूसरे जिलों और राज्यों से आकर बसे कई परिवार त्योहार मनाने अपने पैतृक गांव लौटते हैं। कोई दो दिन के लिए निकलता है तो कोई पूरे परिवार के साथ कई दिनों के लिए घर छोड़ जाता है।
ऐसे में सूने मकान चोरों के निशाने पर आ सकते हैं। त्योहार के दौरान घर बंद होने की जानकारी चोरों तक पहुंचने का खतरा भी रहता है।
इसलिए गांव जाने से पहले सिर्फ सामान पैक करना ही काफी नहीं, घर की सुरक्षा के इंतजाम करना भी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी आपकी दिवाली की खुशियों को चोरी की वारदात से बचा सकती है।
गांव जाने से पहले घर की सुरक्षा का इंतजाम कर लें
दिवाली पर परिवार के साथ गांव जाने से पहले घर के सभी दरवाजों, खिड़कियों और बालकनी की अच्छी तरह जांच कर लें। मुख्य दरवाजे के साथ पीछे का गेट या छत से आने-जाने का रास्ता भी सुरक्षित करें। केवल ताला लगाकर निश्चिंत न हों, क्योंकि कमजोर ताले चोरों के लिए आसान रास्ता बन सकते हैं। घर में नकदी, गहने और जरूरी दस्तावेज खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें। संभव हो तो कीमती सामान बैंक लॉकर में रख दें। घर से निकलने से पहले बिजली के गैरजरूरी उपकरण बंद करना भी न भूलें।
पड़ोसी को बताकर जाएं, लेकिन हर किसी को नहीं
कई बार परिवार घर बंद करके निकल जाता है और आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी नहीं होती। ऐसे में घर की निगरानी करने वाला कोई नहीं रहता। गांव जाने से पहले किसी भरोसेमंद पड़ोसी या रिश्तेदार को जरूर बता दें, ताकि वह समय-समय पर घर के आसपास नजर रख सके। अखबार या दूध की नियमित डिलीवरी आती है तो उसे अस्थायी रूप से रुकवा दें। घर के बाहर कई दिनों तक जमा अखबार, पैकेट या अन्य सामान मकान बंद होने का संकेत दे सकते हैं। हालांकि, घर की चाबी किसी अनजान व्यक्ति को देने से बचें।
सोशल मीडिया पर छुट्टी का ऐलान करना पड़ सकता है भारी
आजकल लोग यात्रा शुरू करते ही सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो साझा करने लगते हैं। गांव पहुंचने, घर से निकलने या कई दिनों तक बाहर रहने की जानकारी सार्वजनिक करने से अनजान लोगों को भी आपके घर खाली होने का पता चल सकता है। इसलिए यात्रा की तस्वीरें और लोकेशन साझा करने में सावधानी बरतें। सार्वजनिक प्रोफाइल पर यह बताने से बचें कि घर कितने दिन तक बंद रहेगा। जरूरी जानकारी केवल परिवार और भरोसेमंद लोगों तक सीमित रखें। छोटी सी डिजिटल सावधानी भी घर की सुरक्षा में मदद कर सकती है।
सीसीटीवी और अलार्म से बढ़ाएं सुरक्षा, रोशनी भी रखें
घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो निकलने से पहले उनकी रिकॉर्डिंग, बिजली और इंटरनेट कनेक्शन जांच लें। संभव हो तो मोबाइल पर कैमरों की लाइव निगरानी की सुविधा चालू रखें। सुरक्षा अलार्म या सेंसर भी मददगार हो सकते हैं। घर के बाहर उचित रोशनी का इंतजाम रखें और कैमरों का रुख प्रवेश द्वार तथा संभावित रास्तों की ओर रखें। हालांकि, सीसीटीवी लगाना ही पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। ताले, दरवाजे और खिड़कियां मजबूत होना भी जरूरी है। किराये के मकान में रहने वाले परिवार मकान मालिक से सुरक्षा संबंधी जरूरी इंतजामों पर बात कर सकते हैं।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो पुलिस को दें सूचना
अगर घर के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति बार-बार घूमता दिखाई दे या किसी बंद मकान के पास असामान्य गतिविधि नजर आए तो खुद उससे भिड़ने के बजाय पुलिस को सूचना दें। घर लौटने पर ताला टूटा मिले या चोरी का संदेह हो तो अंदर जाने से पहले सावधानी बरतें। सामान को छूने से बचें और पुलिस को सूचित करें, ताकि मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा सकें। रोहतक से बाहर जाने वाले परिवार अपने नजदीकी थाने से उपलब्ध सुरक्षा सलाह भी ले सकते हैं।

