कविता.रोहतक
रोहतक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। हर रोज बड़ी संख्या में शराबी ड्रिंक एंड ड्राइव करते पकड़े जा रहे हैं और उनके चालान भी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद सड़कों पर शराब पीकर वाहन चलाने का सिलसिला थम नहीं रहा। कार्रवाई के बीच शहर में एक नया ट्रेंड भी सामने आ रहा है, जहां लोग सड़क किनारे या ठेकों के आसपास बैठकर शराब पीने के बजाय अपनी ही गाड़ियों को बार बना रहे हैं। कार में शराब की बोतल, गिलास और खाने-पीने का सामान सजाकर जाम छलकाए जा रहे हैं।
गाड़ी बनी बार, सड़क किनारे छलक रहे जाम
शहर के कई हिस्सों में शाम ढलते ही गाड़ियों के अंदर शराब पीते लोग नजर आ जाते हैं। कार को पार्क किया, बोतल निकाली और अंदर ही महफिल शुरू। कई जगह तो गाड़ियों के आसपास भी शराब की बोतलें और गिलास दिखाई देते हैं। पुलिस की नजर से बचने के लिए लोग सुनसान जगहों या कम आवाजाही वाले इलाकों में गाड़ियां खड़ी कर लेते हैं। देखने में यह निजी वाहन लगता है, लेकिन अंदर पूरा बार सजा होता है।
शराब पीकर स्टेयरिंग संभालना बन रहा खतरा
सबसे बड़ा खतरा तब पैदा होता है जब गाड़ी में शराब पीने के बाद चालक उसी वाहन को लेकर सड़क पर निकल जाता है। कुछ देर पहले तक गाड़ी के अंदर शराब पी रहा व्यक्ति जब स्टेयरिंग संभालता है तो उसकी गलती की कीमत सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों को भी चुकानी पड़ सकती है। नशे में वाहन चलाने से हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि पुलिस लगातार ड्रिंक एंड ड्राइव पर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधर रहे शराबी
रोहतक पुलिस द्वारा जगह-जगह चेकिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान चलाया जा रहा है। रोजाना शराब के नशे में वाहन चलाने वाले पकड़े जा रहे हैं। चालान और कार्रवाई के बावजूद कई लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अब कुछ लोग सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने के बजाय गाड़ियों के अंदर ही शराब पीना शुरू कर रहे हैं। लेकिन गाड़ी के अंदर शराब पीना कार्रवाई से बचने की गारंटी नहीं है, खासकर जब चालक नशे की हालत में वाहन लेकर सड़क पर निकलता है।
गाड़ी में बार का ट्रेंड, पुलिस के लिए नई चुनौती
शहर में गाड़ियों को बार की तरह इस्तेमाल करने का यह चलन पुलिस के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। सवाल यह है कि शराब पीने के बाद गाड़ी चलाने वालों पर शिकंजा कैसे और मजबूत किया जाए। जरूरत ऐसे स्थानों की भी निगरानी बढ़ाने की है, जहां शाम के समय गाड़ियों में शराब की महफिलें सजती हैं। पुलिस का अभियान लगातार चल रहा है, लेकिन सड़क पर सुरक्षित माहौल बनाने के लिए सिर्फ चालान नहीं, बल्कि शराब पीकर वाहन चलाने की मानसिकता पर भी रोक लगाना जरूरी है।


