चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश सरकार भविष्य में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हाज़िरी को बायोमैट्रिक या जिओफ़ेसिंग के माध्यम से करेगी। स्वास्थ्य मंत्री सोमवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मांडीखेड़ा स्थित अल-अफिया सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों के हॉस्टल अच्छी हालत में न होने के कारण डॉक्टरों को गुरुग्राम , फरीदाबाद तथा रेवाड़ी में रहने की अनुमति है। भविष्य में ऐसा कोई प्रबंध करने का प्रयास करेंगे कि इस अस्पताल के डॉक्टर उक्त अस्पताल के आस -पास ही रहें।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रश्न के अगले भाग का उत्तर देते हुए बताया कि मांडीखेड़ा अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन विभाग रक्त बैंक, एनसीडी क्लिनिक, एसएनसीयू, आरटीआई और एसटीआई, ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी, आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, जनरल वार्ड, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, प्रसव कक्ष जैसी सभी स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं। उक्त स्वास्थ्य संस्था में पर्याप्त अमला, उपकरण और आवश्यक दवाएं पहले से ही उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में औसतन प्रतिदिन ओपीडी में 800 मरीज तथा 40 मरीज इनडोर में भर्ती होते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम जनता के जेब खर्च को कम करने के लिए आवश्यक औषधि सूची के अनुसार सभी मरीजों को दवाएं/उपभोग्य वस्तुएं मुफ्त में प्रदान कर रहा है। दवाओं की खरीद हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम के माध्यम से राज्य स्तर पर की जाती है और निर्दिष्ट गोदामों के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। यदि कोई दवा अनुपलब्ध हो जाती है, तो रोगी की देखभाल निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने, आवश्यक दवाओं की कमी से बचने और तत्काल आवश्यकता को पूरा करने के लिए, ऑनलाइन ड्रग इन्वेंटरी एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम (ओ डी आई एम एस) पोर्टल से एनएसी प्राप्त करने के बाद एम एम आई वाई / यूजर चार्ज का उपयोग करके उसे स्थानीय स्तर पर मंगवाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, मंडीखेड़ा के अल-आफिया सामान्य अस्पताल में 460 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।
आरती सिंह राव ने आगे बताया कि इस अस्पताल में 5 फरवरी 2025 से जन औषधि केंद्र भी कार्यरत है, जिसमें 208 प्रकार की जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हैं।

