Wednesday, July 29, 2026
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नई टाउन प्लानिंग स्कीम को मिली मंजूरी : आवासीय प्लॉटेड आवास परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 5 एकड़ भूमि आवश्यक होगी

  • आवासीय प्लॉटों का आकार 50 वर्गमीटर से 250 वर्गमीटर के बीच होगा
  • सभी आंतरिक सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई 10 मीटर निर्धारित की गई

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा नगर निकाय क्षेत्रों में, जहां नियंत्रित क्षेत्र के प्रावधान लागू नहीं हैं, आवासीय प्लॉटेड आवास हेतु नई टाउन प्लानिंग योजना को मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना का उद्देश्य ऐसे नगर निकाय क्षेत्रों में सुनियोजित एवं विनियमित आवासीय विकास सुनिश्चित करना है।

स्वीकृत योजना के अनुसार, आवासीय प्लॉटेड आवास परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 5 एकड़ भूमि आवश्यक होगी, जबकि अधिकतम क्षेत्रफल की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। परियोजना स्थल तक पहुंचने के लिए मौजूदा सड़क होनी चाहिए, जिसकी चौड़ाई कम से कम 33 फुट हो। योजना के तहत आवासीय प्लॉटों का आकार 50 वर्गमीटर से 250 वर्गमीटर के बीच होगा। साथ ही प्रत्येक परियोजना में कम से कम 50 प्रतिशत आवासीय प्लॉट 150 वर्गमीटर या उससे कम क्षेत्रफल के होंगे, ताकि किफायती आवास को बढ़ावा मिल सके। योजना के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के अधिकतम 65 प्रतिशत हिस्से का उपयोग आवासीय एवं वाणिज्यिक प्लॉटों के लिए किया जा सकेगा, जबकि वाणिज्यिक क्षेत्र का हिस्सा अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। इसके अतिरिक्त, परियोजना के भीतर सभी आंतरिक सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई 10 मीटर निर्धारित की गई है।

स्वीकृत प्रावधानों के तहत, डेवलपर्स को हरियाणा शहरी अवसंरचना विकास बोर्ड (एचयूआईडीबी) के मुख्य प्रशासक को 10 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से स्क्रूटनी शुल्क जमा कराना होगा। इसके अलावा, उन्हें लो-पोटेंशियल जोन में आवासीय उपयोग के लिए लागू परिवर्तन शुल्क (Conversion Charges) का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा। इसके साथ ही, डेवलपर्स को प्रचलित बाह्य विकास शुल्क ( External Development Charges ) का 25 प्रतिशत विकास शुल्क के रूप में एचयूआईडीबी को देना होगा। यह दर नगर समितियों और नगर परिषदों दोनों में समान रूप से लागू होगी।

नई योजना राज्य में आवासीय विकास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने, अनुमोदन प्रक्रिया को तेज करने, आवास क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा अनधिकृत कॉलोनियों की बढ़ौतरी में काफी कमी आएगी।

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