Saturday, August 22, 2026
Homeहरियाणाअनुराग ढांडा बोले- मंडियों में खुले में पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं बारिश...

अनुराग ढांडा बोले- मंडियों में खुले में पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग रहा, बीजेपी सरकार के इंतजाम पूरी तरह नाकाम

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश की अनाज मंडियों की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया है। पार्टी ने कहा कि एक तरफ बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसान पहले ही भारी नुकसान झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार की लापरवाही ने उसकी परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 70 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे लगभग 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और अगेती फसल गिरने के कारण 10 से 15 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ। इसके बावजूद सरकार ने मंडियों में फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। हालत यह है कि मंडियां गेहूं के ढेर से भरी पड़ी हैं और तिरपाल की भारी कमी के चलते हजारों क्विंटल गेहूं खुले में भीग रहा है और सड़ने की कगार पर पहुंच चुका है।

अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि जब मौसम विभाग पहले ही आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी कर चुका था, तो सरकार ने मंडियों में तिरपाल और शेड की व्यवस्था क्यों नहीं की। क्या सरकार जानबूझकर किसानों को नुकसान झेलने के लिए छोड़ रही है? बीजेपी सरकार नमी का बहाना बनाकर गेहूं की खरीद रोक रही है। 12 प्रतिशत से ज्यादा नमी होने पर खरीद नहीं की जा रही, जबकि सच्चाई यह है कि सरकार खुद फसल को बारिश से बचाने में पूरी तरह नाकाम रही है और अब उसी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई प्रमुख मंडियों जैसे कुरुक्षेत्र, कैथल, रोहतक, पानीपत, जींद और हिसार में हालात बेहद खराब हैं। नई बायोमेट्रिक गेट पास प्रणाली पूरी तरह फेल हो चुकी है। पोर्टल साइट बंद होने के कारण किसानों के गेट पास नहीं कट पा रहे और उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे मंडियों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद गेहूं की खरीद और उठान की प्रक्रिया बेहद धीमी है। आढ़तियों की हड़ताल और सरकारी उदासीनता के कारण लाखों क्विंटल गेहूं मंडियों में पड़ा हुआ है और कई जगहों पर सैकड़ों-हजारों क्विंटल गेहूं बारिश में खराब भी हो चुका है।

अनुराग ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार का ‘किसान कल्याण’ केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में किसान अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है और सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। पार्टी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सवाल किया कि क्या यही उनका ‘विकसित हरियाणा’ मॉडल है, जहां किसान तिरपाल तक के लिए तरस रहा है और उसकी फसल खुले में सड़ रही है?

अनुराग ढांडा ने सरकार से मांग की कि तुरंत मंडियों में तिरपाल और शेड की व्यवस्था की जाए, नमी के नियमों में राहत देकर किसानों की फसल खरीदी जाए, बायोमेट्रिक गेट पास प्रणाली को तुरंत दुरुस्त किया जाए, बारिश से खराब हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए और खरीद व उठान की प्रक्रिया को तेज किया जाए।

RELATED NEWS
spot_img

Most Popular