हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी अनाज मंडियों का दौरा कर गेहूं और सरसों की खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मंत्री ने मंडियों में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, फसल सत्यापन प्रक्रिया, बिजली, पानी, साफ-सफाई और बायोमैट्रिक प्रणाली सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। जिले की पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी मंडियों में खाद्यान की खरीद का कार्य राज्य खरीद एजेंसी हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन द्वारा किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि जिला की तीनों मंडियों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और फसल आते ही उठान कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही, उन्होंने किसानों को फसल खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026 के दौरान किसानों को सुविधा प्रदान करने, समय की बचत करने तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि किसान अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त अन्य पारंपरिक साधनों जैसे बैलगाड़ी आदि के माध्यम से भी मंडी में ला सकते हैं। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं है, तो किसान ट्रैक्टर पर पेंट द्वारा ट्रैक्टर का नंबर लिखकर अथवा कागज/पेपर स्टीकर पर पंजीकरण संख्या अंकित कर मंडी में फसल ला सकता है।
किसान 24 घंटे अपनी फसल विक्रय हेतु मंडी में ला सकते
उन्होने बताया कि किसानों को गेट पास काटने के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसान 24 घंटे अपनी फसल विक्रय हेतु मंडी में ला सकते हैं। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक अथवा वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो-तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान/भूमि मालिक/पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है।
नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्कैनिंग बायोमेट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा
उन्होंने बताया कि किसान स्वयं अथवा उसके द्वारा नामित अधिकतम तीन व्यक्ति ही रबी फसल विक्रय हेतु मंडी में ला सकेंगे। किसान अथवा नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्कैनिंग बायोमेट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। यदि फिंगर स्कैनिंग से सत्यापन संभव नहीं हो पाता है, तो आंख स्कैनिंग (आईआरआईएस) बायोमेट्रिक उपकरण द्वारा भी सत्यापन किया जा सकेगा। यह बायोमेट्रिक प्रक्रिया मंडी गेट पर नहीं, बल्कि ढेरी की खरीद के समय की जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी कारणों से व्यवधान उत्पन्न होने की स्थिति में किसान अथवा उसके नामित व्यक्तियों का सत्यापन ओटीपी माध्यम से किया जाएगा। ओटीपी सत्यापन की अनुमति देने का निर्णय जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के अंतर्गत गठित समिति द्वारा लिया जाएगा। खरीद एजेंसी का इंस्पेक्टर आउट गेट पास जारी करेगा। जारी आउट गेट पास उठान करने वाले ट्रांसपोर्टर के लॉगिन में दिखाई देगा।
ट्रांसपोर्टर द्वारा स्वीकार किए जाने के उपरांत मंडी सचिव द्वारा आउट गेट पास को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इससे उठान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। पूरी खरीद प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।

