Haryana News : इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार एक सुनियोजित साजिश के तहत बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन काट रही है।
हरियाणा सरकार ने फैमिली आईडी को मुख्य आधार बनाकर पति-पत्नी की संयुक्त वार्षिक आय 3 लाख से अधिक दिखा कर बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन काटनी शुरू कर दी है। फसल बिक्री 1 लाख 80 हजार रुपए से अधिक है तो कुल आय 3 लाख रुपए मानी जा रही है। बिजली बिल सालाना 24 हजार रुपए से ज्यादा होने पर आय बढ़ाकर दर्ज हो रही है। आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने से भी परिवार की आय अधिक मानी जा रही है। लाल डोरे में 400 गज से अधिक प्लॉट होने पर आय में इजाफा दिखाया जा रहा है। लगातार 6 महीने तक राशन न लेने पर भी फैमिली आईडी में आय बढ़ाई जा रही है। भाजपा सरकार के इस सामाजिक सुरक्षा पेंशन विरोधी निर्णय से पेंशन पर आश्रित लाखों लोग प्रभावित होंगे।
वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा उनके आश्रित अभिभावकों के इलाज के लिए प्रस्तुत किए गए मेडिकल बिलों के भुगतान के समय संबंधित विभाग द्वारा पारिवारिक आय की गणना में बुजुर्ग सम्मान निधि को शामिल किया जा रहा है और आपत्ति लगाकर मेडिकल बिलों को खारिज कर रहे हैं। बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग सम्मान निधि सरकार द्वारा नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान स्वरूप दी जाने वाली सहायता राशि है, न कि नियमित आय का स्रोत। जननायक चौधरी देवीलाल ने बुढ़ापा पेंशन बुजुर्गों के सम्मान के लिए शुरू की थी न कि आय के आधार पर। हरियाणा सरकार बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए आय की शर्त को तुरंत खत्म करे ताकि पेंशन को काटने से रोका जा सके।

