Haryana News : इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रोफेसरों की कमी से जूझ रहे कॉलेजों में पीएचडी, रिसर्च स्कॉलर द्वारा बच्चों को पढ़ाए जाने के सरकार के निर्णय को बेहद बचकाना निर्णय बताते हुए कहा कि कॉलेज की पढ़ाई बच्चों का भविष्य तय करती है और वही बच्चे अब नियमित प्रोफेसर द्वारा पढ़ाए जाने से महरूम हैं।
प्रदेश के लगभग सभी कॉलेजों में प्रोफेसरों की भारी कमी है जिसके कारण बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें पढ़ाने वाला कोई नहीं है। इसका दोषी कोई और नहीं बल्कि बीजेपी सरकार एवं एचपीएससी है। यही पीएचडी, रिसर्च स्कॉलर जब नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पेपर देते हैं तो एचपीएससी द्वारा उन्हें फेल कर दिया जाता है। जिनको एचपीएससी ने फेल कर दिया अब उन्हीं लोगों को सरकार ने कॉलेजों में बच्चों को पढ़ाने के लिए अनुबंध पर रखने का फैसला किया है। ऐसा करना बीजेपी सरकार की दोगली मानसिकता को दिखाता है।
चौटाला ने कहा, आज प्रदेश के 180 कॉलेजों में 2400 से भी ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। बीजेपी सरकार नियमित पदों को क्यों नहीं भर रही है इसके पीछे इनकी ओच्छी मानसिकता साफ नजर आती है कि ये सरकार बेरोजगार योग्य युवाओं को नौकरी नहीं देना चाहते हैं। बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए नियमित शिक्षक बेहद आवश्यक हैं न कि काम चलाने के लिए अनुबंध पर रखना। दरअसल बीजेपी सरकार की मंशा प्रदेश के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की है ही नहीं। बीजेपी का एकमात्र एजेंडा ही लोगों को जात-पात और धर्म के नाम पर बांटना है।

