चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुशील गुप्ता ने हरियाणा सहित देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न हो रही अव्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। हरियाणा के सिरसा, जींद, हिसार, बल्लभगढ़ और यमुनानगर सहित कई जिलों से पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारों और तेल की कमी की सूचनाएं सामने आ रही हैं। कई जगहों पर पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति ने आम जनता के बीच भय और असमंजस का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों को आशंका है कि कहीं कोरोना काल जैसी स्थिति दोबारा न बन जाए, जब आवश्यक वस्तुओं के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगती थीं।
डॉ. गुप्ता ने किसानों की समस्याओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस समय हरियाणा में गेहूं और सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। ऐसे में डीजल की कमी किसानों के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकती है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होंगे और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी असमंजस की स्थिति से किसानों में केंद्र की मोदी सरकार और हरियाणा की सैनी सरकार के खिलाफ़ असंतोष का माहौल है।
उन्होंने एलपीजी गैस की लगातार जारी किल्लत पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे आम परिवारों की रसोई प्रभावित हो रही है और जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर बुरी तरह प्रभावित है।
डॉ. गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि सरकार तुरंत इस स्थिति पर स्पष्टता लाए और जनता को भरोसे में ले। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
मुख्य मांगें:
- पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर तुरंत स्पष्ट बयान जारी किया जाए।
- पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सुनिश्चित कर लंबी कतारों की समस्या खत्म की जाए।
- अफवाहों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- किसानों को प्राथमिकता देते हुए डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो यह स्थिति एक बड़े जनसंकट का रूप ले सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार की होगी।

