- ‘अंतरिक्ष से नागरिक सेवा’ की अवधारणा पर किसान व आमजन के हित में नई तकनीक विकसित करने पर हरियाणा को नीदरलैंड्स में मिला जियोस्पेशियल एक्सीलेंस अवार्ड
चंडीगढ़: हरियाणा को कृषि क्षेत्र में किए गए तकनीकी नवाचार तथा किसानों व पर्यावरण की मदद के लिए विकसित की गई नई तकनीक के लिए विश्व स्तर पर नई पहचान मिली है। इसके लिए नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में आयोजित जियोस्पेशियल वर्ल्ड फोरम 2026 के दौरान हरियाणा को जियोस्पेशियल एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अंतर्गत संचालित हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसैक) द्वारा ‘अंतरिक्ष से नागरिक सेवा’ की अवधारणा पर आधारित एक व्यापक एवं यूनिफाइड जियो इनेबल्ड प्रणाली विकसित की गई है जिसके लिए हरियाणा को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है।
इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरसैक की समस्त टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इसे हरियाणा के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि हरसैक द्वारा कृषि क्षेत्र में किसानों की मदद के लिए ईजाद की गई नई तकनीक तथा फसल अवशेष प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किए गए नए प्रयोग प्रदेश के किसानों के साथ-साथ गवर्नेंस, विभिन्न विभागों व आमजन, विशेषकर किसान भाइयों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुए हैं।
हरसैक निदेशक डॉ सुल्तान सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रोत्साहन एवं जन-केंद्रित नीतियों का परिणाम है। उनकी निर्णायक सोच ने हरियाणा को डिजिटल कृषि एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद की है।
उल्लेखनीय है कि हरसैक ने ‘अंतरिक्ष से नागरिक सेवा’ की अवधारणा पर आधारित यूनिफाइड जियो इनेबल्ड प्रणाली विकसित की है, जो कृषि, भूमि संसाधनों तथा संबंधित क्षेत्रों में वास्तविक समय निगरानी, पारदर्शी शासन एवं वैज्ञानिक योजना निर्माण को सक्षम बनाती है। यह प्रणाली प्रति फसल सीजन में प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को सहायता प्रदान कर रही है तथा 1 करोड़ से अधिक खेतों पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही 4000 से अधिक सक्रिय दैनिक उपयोगकर्ता भी इससे जुड़े हुए हैं जिनमें नीति निर्धारक, अधिकारी, राजस्व विभाग से संबंधित हितधारक, पटवारी, सर्वेक्षक, युवा नवाचारकर्ता, उद्यमी एवं विद्यार्थी शामिल हैं।
हरसैक का एडवांस जियोस्पेशियल प्लेटफार्म फसल निगरानी, उत्पादन आकलन, जल संसाधन प्रबंधन, भूमि उपयोग योजना, फसल बीमा विश्लेषण, चित्र-आधारित फसल स्वास्थ्य निगरानी, फसल अवशेष प्रबंधन, मंडी मानचित्रण, कृषि योजना निर्माण, जलवायु अनुकूलन क्षमता तथा सतत विकास पहलों में काफी उपयोगी हैं।
हरसैक निदेशक ने बताया कि हरसैक उपग्रह चित्रों, दूरसंवेदी तकनीक, भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित पटलों, मोबाइल अनुप्रयोगों, मानव रहित हवाई सर्वेक्षण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण के माध्यम से हरियाणा के जल स्रोतों, परिवहन नेटवर्क, पंचायत परिसंपत्तियों तथा भूमि उपयोग परिवर्तन की व्यापक मैपिंग एवं निगरानी भी कर रहा है, जिससे पारदर्शिता, दक्षता तथा वैज्ञानिक संसाधन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय सततता तथा जलवायु अनुकूलन क्षमता के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु जियो इनेबल्ड प्रणाली के व्यावहारिक एवं व्यापक रूप से लागू किए जा सकने वाले मॉडल की विशेष सराहना की है। इस सम्मान ने अंतरिक्ष तकनीक के उपयोग से हरियाणा को गवर्नेंस एवं कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में पहचान दिलाई है।

