Friday, October 9, 2026
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‘रिश्ते बने मौत का फंदा’ : रोहतक में तीन हत्याओं ने खड़े किए गंभीर सवाल; लिव-इन का फैसला कहीं जान पर भारी तो नहीं

  • साथ रहने का वादा, अंजाम मौत, लिव-इन से जुड़े तीन हत्याकांडों ने रिश्तों पर खड़े किए सवाल
  • कहीं ईंट से हमला, कहीं गला घोंटकर हत्या का आरोप, प्यार और भरोसे के रिश्तों में बढ़ती हिंसा ने बढ़ाई चिंता

कविता.रोहतक :  बदलते दौर में लिव-इन रिलेशनशिप युवाओं की पसंद बनता जा रहा है। शादी से पहले एक-दूसरे को समझने, अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने और सामाजिक बंधनों से अलग रहने की चाह ने इस रिश्ते को नई पहचान दी है। कानून भी सहमति से बने ऐसे संबंधों को अपने आप में अपराध नहीं मानता। लेकिन जब साथ रहने का रिश्ता ही हिंसा, विवाद और हत्या जैसी वारदातों में बदलने लगे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर रिश्तों में भरोसा कहां टूट रहा है।

रोहतक और आसपास के इलाकों में हाल में सामने आए तीन हत्या के मामले इस चिंता को और गंभीर बनाते हैं। इन घटनाओं में लिव-इन या उससे जुड़े रिश्तों में रह रहे लोगों की जान चली गई। हालांकि, इन मामलों के आधार पर हर लिव-इन रिश्ते को खतरनाक या अपराध की वजह मानना उचित नहीं होगा, लेकिन यह जरूर समझना होगा कि निजी संबंधों में बढ़ती हिंसा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

दोस्तों से मिलने आए थे संदीप-कविता, नहर में मिले शव

अक्टूबर 2026 में सामने आया संदीप और कविता की दोहरी हत्या का मामला रिश्तों के साथ-साथ पैसों के विवाद की भयावह तस्वीर भी पेश करता है। दिल्ली निवासी 36 वर्षीय संदीप और 25 वर्षीय कविता करीब आठ महीने से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। 26 सितंबर को दोनों रोहतक के हसनगढ़ गांव में अपने दोस्तों से मिलने आए थे। बाद में दोनों के शव आसौदा के पास नहर से बरामद हुए। पुलिस ने इस मामले में नितेश उर्फ मेडिस और नितेश उर्फ बच्चा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, झगड़े के दौरान आरोपियों ने ईंट से हमला कर दोनों की हत्या कर दी।

किराये के कमरे में धीरज का शव, पार्टनर पर हत्या का आरोप

सितंबर 2026 में रोहतक के प्रवेश नगर में धीरज कुंडू की मौत का मामला सामने आया। टिटौली गांव के 25 वर्षीय धीरज अपनी लिव-इन पार्टनर सुनीता उर्फ स्वीटी के साथ किराये के कमरे में रह रहे थे। धीरज कमरे में अचेत मिले और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या करने की बात कबूल की।

दो महीने पहले हुई थी शादी, अब हत्या

रोहतक के गढ़ी मोहल्ले में सुषमा उर्फ लाली की हत्या का मामला भी रिश्तों में बढ़ते तनाव की एक गंभीर तस्वीर सामने रखता है। लाली और अनीष की मुलाकात अस्पताल में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों ने पहले लिव-इन में रहने का फैसला किया और करीब दो महीने पहले शादी कर ली थी। 8 अक्टूबर को सामने आई खबर के अनुसार, लाली की गला घोंटकर हत्या किए जाने का आरोप उनके पति अनीष पर है। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि बेटी योगिता को साथ रखने को लेकर हुए विवाद के चलते हत्या की गई।

कानून की मंजूरी का मतलब जोखिम से आजादी नहीं

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर समाज में दो तरह की सोच दिखाई देती है। एक वर्ग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार मानता है, जबकि दूसरा वर्ग इसे पारंपरिक पारिवारिक व्यवस्था के लिए चुनौती के तौर पर देखता है। भारतीय कानून में वयस्कों के सहमति से साथ रहने को केवल इस आधार पर अपराध नहीं माना जाता कि उन्होंने शादी नहीं की है। हालांकि, हर मामले में परिस्थितियां, सहमति, उम्र और अन्य कानूनी पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे संबंधों से जुड़े लोगों को भी कानून के तहत सुरक्षा और न्याय पाने का अधिकार है। लेकिन कानूनी मान्यता का अर्थ यह नहीं है कि हर रिश्ता सुरक्षित होगा या हर व्यक्ति की मंशा सही होगी। शादीशुदा संबंधों में भी घरेलू हिंसा और हत्याएं होती हैं, जबकि लिव-इन में रहने वाले सभी जोड़ों को संदेह की नजर से देखना भी गलत है। असली चुनौती संबंध के नाम में नहीं, बल्कि उसमें मौजूद व्यवहार, नियंत्रण की प्रवृत्ति, आर्थिक तनाव, शक, जबरदस्ती और हिंसा में है।

समाज को उठाने होंगे ठोस कदम

इन घटनाओं को केवल सनसनीखेज अपराध की खबर बनाकर भूल जाना पर्याप्त नहीं होगा। समाज, परिवार, पुलिस और प्रशासन को इस बात पर विचार करना चाहिए कि रिश्तों में बढ़ते तनाव को समय रहते कैसे पहचाना जाए और हिंसा को कैसे रोका जाए। युवाओं को रिश्तों में सहमति, सम्मान, संवाद और व्यक्तिगत सीमाओं के महत्व के बारे में जागरूक करना जरूरी है। परिवारों को भी केवल सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर युवाओं को अपमानित करने या उनकी पसंद को पूरी तरह खारिज करने के बजाय उनसे संवाद बनाए रखना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक परामर्श और विवाद सुलझाने की सुरक्षित व्यवस्था तक पहुंच आसान होनी चाहिए।

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