रोहतक : आखिरकार 37 दिन से चली आ रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक के बाद सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बन गई और कर्मचारियों ने आंदोलन वापस लेकर काम पर लौटने का फैसला किया है।
लंबे समय से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण रोहतक समेत प्रदेश के शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग चुके हैं। अब कर्मचारियों के वापस काम पर लौटने के बाद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि शहर को पूरी तरह साफ-सुथरा करने में कई दिन लगेंगे। रोहतक में जमा कचरे को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि सामान्य सफाई व्यवस्था पटरी पर आने में कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है।
अब सड़कों पर उतरेगी सफाई टीम
लंबे इंतजार के बाद अब सफाई कर्मचारी शहरों में सफाई अभियान शुरू करेंगे। हड़ताल के कारण घरों से कूड़ा उठाने से लेकर गलियों, बाजारों और मुख्य सड़कों की सफाई तक का काम बुरी तरह प्रभावित था। रोहतक सहित प्रदेश के कई शहरों में कूड़ा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने से सबसे पहले उन स्थानों को चिन्हित कर सफाई कराई जाएगी, जहां सबसे ज्यादा कूड़ा जमा है। इसके बाद धीरे-धीरे नियमित सफाई व्यवस्था बहाल की जाएगी।
10 दिन तक चलेगा सफाई का बड़ा अभियान, एक साथ उठेगा कचरा
रोहतक में हड़ताल के दौरान जगह-जगह जमा हुए कूड़े को हटाना अब नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी। इतने दिनों से कूड़ा उठान प्रभावित रहने के कारण कई जगह कचरे के ढेर काफी बड़े हो चुके हैं। कर्मचारियों के काम पर लौटते ही पहले बड़े कूड़ा प्वाइंट, बाजार, मुख्य सड़कें और रिहायशी इलाकों में सफाई पर जोर रहेगा। शहरवासियों का कहना है कि हड़ताल खत्म होना राहत की बात है, लेकिन शहर को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा। अनुमान है कि कूड़े का पूरा बैकलॉग साफ करने में करीब 10 दिन तक लग सकते हैं।
16 मांगों पर बनी सहमति, खाली पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में सफाई कर्मचारियों की 16 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। इनमें सफाई कर्मचारियों के खाली पदों पर भर्ती करना भी शामिल है। सरकार की ओर से कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं। इससे सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ कर्मचारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भी कहा था कि कर्मचारियों की 12 मांगें सरकार मान चुकी है।
ये प्रमुख मांगें मानी गईं, कर्मचारियों को मिलेंगे ये फायदे
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में खाली पदों पर नियमित भर्ती, न्यूनतम वेतन, जोखिम भत्ता, कैशलेस मेडिकल सुविधा/बीमा, पीएफ से जुड़े लाभ, एलटीसी सुविधा, वर्दी भत्ता, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, ड्यूटी के दौरान मौत पर आश्रित को आर्थिक सहायता और नौकरी, मेडिकल अवकाश तथा कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार जैसी मांगें शामिल रही हैं। सरकार ने इन मांगों पर सहमति जताई है। वहीं नियमितीकरण का मुद्दा अलग कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण न्यायालय से जुड़े मामलों में सरकार ने अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
अब सफाई कर्मचारियों की परीक्षा, जनता को भी रखनी होगी जिम्मेदारी
हड़ताल खत्म होने के बाद अब असली परीक्षा नगर निगम और सफाई कर्मचारियों की है। कई सप्ताह से जमा कचरे को हटाना आसान नहीं होगा। कर्मचारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी और प्रशासन को भी कूड़ा उठाने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने होंगे। दूसरी तरफ शहरवासियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि सफाई होने के बाद दोबारा सड़कों और खाली जगहों पर कचरा न फेंकें। अगर कर्मचारी लगातार सफाई करते रहें और लोग सहयोग करें तो आने वाले दिनों में रोहतक समेत पूरे हरियाणा की सफाई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकती है।


