Friday, September 4, 2026
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रोहतक में सफाई का संकट गहराया! हड़ताल नहीं थमी तो शहर होगा और बेहाल

कविता.रोहतक : सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को 6 सितंबर तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।

कर्मचारियों की मांग है कि जब तक सरकार पॉलिसी बनाकर उन्हें पक्का करने का रास्ता साफ नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी तरफ शहर में पहले से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। ऐसे में हड़ताल के आगे बढ़ने से आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका है। सरकार और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को उठानी पड़ रही है।

कूड़े के ढेरों में तब्दील हो रही शहर की तस्वीर

सफाई कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण शहर की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा होता जा रहा है। कई जगह हालात ऐसे हैं कि कूड़ेदान भरने के बाद कचरा सड़क किनारे फैल रहा है। नियमित उठान नहीं होने से पुराने कूड़े के साथ हर दिन निकलने वाला नया कचरा भी जुड़ रहा है। यदि हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में कूड़े के ढेर और बड़े होने की आशंका है।

सरकार ने लगाया पूरा जोर, फिर भी नहीं बनी बात

हड़ताल खत्म कराने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि पॉलिसी बनाकर पक्का करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जब तक उनकी यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रखने की बात कही जा रही है। ऐसे में बातचीत का कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट बना हुआ है।

कूड़ा बनेगा बड़ी मुसीबत

शहर में रोजाना निकलने वाला कचरा यदि समय पर नहीं उठाया गया तो उसका दबाव लगातार बढ़ता जाएगा। गलियों और खाली जगहों पर जमा कचरा सड़ने लगेगा और दुर्गंध के साथ आवारा पशुओं की समस्या भी बढ़ सकती है। बारिश होने की स्थिति में यही कचरा नालियों तक पहुंचकर जलभराव की परेशानी बढ़ा सकता है। यानी हड़ताल का हर अतिरिक्त दिन शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नई चुनौती खड़ी कर रहा है।

सफाई नहीं हुई तो बीमारी का खतरा भी बढ़ेगा

कूड़े के ढेर केवल शहर की खूबसूरती खराब नहीं कर रहे, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता बढ़ा रहे हैं। लंबे समय तक कचरा पड़ा रहने से मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है। बरसात के मौसम में गीला कचरा और जमा पानी संक्रमण फैलाने वाले कीटों के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी चली तो सफाई के साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।

6 सितंबर तक राहत नहीं मिली तो आगे क्या होगा

फिलहाल हड़ताल 6 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, लेकिन कर्मचारियों के तेवर देखकर सवाल यह है कि इसके बाद शहर को राहत मिलेगी या आंदोलन और आगे बढ़ेगा। यदि सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो पहले से जमा कचरे का पहाड़ और बड़ा हो सकता है। प्रशासन के सामने अब केवल हड़ताल खत्म कराने की चुनौती नहीं है, बल्कि शहर में जमा कचरे को जल्द से जल्द हटाने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। आने वाले कुछ दिन रोहतक की सफाई व्यवस्था के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।

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