कविता.रोहतक : शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर आम लोगों की चिंता लगातार गहराती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि शहर की सीमाओं और प्रवेश मार्गों पर पुलिस की सक्रियता तो नजर आती है, लेकिन अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था उतनी प्रभावी नहीं दिखती। इसी कारण चोरी, और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ता महसूस हो रहा है।
लोगों का मानना है कि अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए शहर के भीतर भी लगातार निगरानी और पुलिस की मौजूदगी जरूरी है। व्यापारिक क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों और व्यस्त बाजारों में लोगों की आवाजाही पूरे दिन बनी रहती है। इसके बावजूद कई स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी दिखाई नहीं देती। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन इलाकों में लगातार गश्त हो तो अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
लगातार घटनाओं से बढ़ा असुरक्षा का माहौल
हाल के समय में वाहन चोरी, चेन स्नैचिंग, घरों और दुकानों में चोरी जैसी घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और महिलाओं का कहना है कि अब घर से निकलते समय सुरक्षा को लेकर पहले से अधिक सतर्क रहना पड़ता है। उनका मानना है कि अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ पहले से रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
रिहायशी कॉलोनियों में नियमित गश्त की जरूरत
शहर की नई और पुरानी कॉलोनियों में आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन कई क्षेत्रों में पुलिस गश्त सीमित नजर आती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शाम और रात के समय नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा।
संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग
नागरिकों का सुझाव है कि बस स्टैंड, रेलवे रोड, प्रमुख चौक, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की स्थायी निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए। इन क्षेत्रों में नियमित जांच और सक्रिय पुलिस उपस्थिति अपराधियों के लिए चुनौती साबित हो सकती है।
रोकथाम आधारित पुलिसिंग पर जोर
शहरवासियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई पर उन्हें विश्वास है, लेकिन अपराध होने के बाद कार्रवाई से अधिक जरूरी है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे वारदात होने ही न पाए। नियमित गश्त, आधुनिक निगरानी व्यवस्था और आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय से शहर में सुरक्षा का माहौल मजबूत किया जा सकता है।
प्रमुख स्थानों पर बढ़े पुलिस नाके
शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों के साथ-साथ बस स्टैंड, रेलवे रोड, जाट कॉलेज चौक, डी-पार्क, गोहाना स्टैंड और अन्य व्यस्त चौराहों पर नियमित पुलिस नाके लगाने की मांग की जा रही है। लोगों का मानना है कि इससे संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
इन इलाकों में बढ़े नियमित गश्त
ओमैक्स सिटी, आईएमटी क्षेत्र, शहर के विभिन्न सेक्टर, किला रोड, रेलवे रोड और नई विकसित कॉलोनियों में दिन और रात दोनों समय पुलिस गश्त बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
व्यापारियों की प्रमुख चिंता
दुकानदारों का कहना है कि बाजार बंद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए। रात के समय लगातार गश्त से चोरी और अन्य वारदातों की आशंका कम हो सकती है।
महिलाओं और विद्यार्थियों की अपेक्षा
महिलाओं और विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास नियमित पुलिस उपस्थिति से सुरक्षित माहौल बनेगा और लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
नागरिकों का सुझाव
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस, बाजार संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के बीच नियमित संवाद स्थापित हो तो सुरक्षा संबंधी समस्याओं की पहचान और समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।


