Saturday, October 24, 2026
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रोहतक में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को रोडवेज कर्मचारियों ने दिया समर्थन, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

Rohtak News : गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। वहीं रोहतक में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के समर्थन में अब हरियाणा रोडवेज कर्मचारी भी उतर आए हैं।

शुक्रवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कर्मचारियों ने मुख्य रूप से दो मांगों को रखा। जिसमें पहली मांग गुरुग्राम-नूंह जैसे मुनाफे वाले जिलों में निजी कंपनी को 25 साल के लिए पैरेलल लाइसेंस देने के जन-विरोधी फैसले के विरोध में चल रहे बिजली कर्मचारियों के आंदोलन का रोडवेज सांझा मोर्चा पूर्ण समर्थन करता है।

दूसरी अपनी स्वयं की मांगों को लेकर, जिन पर 8 सितंबर को माननीय परिवहन मंत्री के साथ सहमति बनी थी, उनका परिपत्र आज तक जारी न करने के विरोध में।

प्रदर्शन करते हुए रोडवेज कर्मचारी।

सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य दिनेश हुड्डा, अमित महाराणा, देवेन्द्र यदुवंशीऔर डिपो प्रधान सुरेश नेहरा , सुमेश कुंडू, जोगिंद्र ढुल, संदीप सिंघवा, संदीप खोखर राजेश गोराड,ने संयुक्त रूप से बताया कि 5 व 6 सितंबर की हड़ताल के नोटिस के बाद 8 सितंबर को माननीय परिवहन मंत्री के साथ बैठक में 12 मुख्य मांगों पर सहमति बनी थी और एक माह में परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था। डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी एक भी परिपत्र जारी नहीं हुआ है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार मुनाफा देने वाले बिजली विभाग को बेच रही है, दूसरी तरफ रोडवेज में प्राइवेट परमिट देकर रोडवेज को भी निजी हाथों में सौंप रही है। दोनों ही फैसले कर्मचारी और जनता के विरुद्ध हैं। बिजली में निजीकरण से किसानों और आम घरों की सब्सिडी खत्म होगी, वैसे ही रोडवेज में प्राइवेट परमिट से सरकारी रोजगार खत्म होगा। इसलिए बिजली कर्मचारियों की लड़ाई हमारी अपनी लड़ाई है। ज्ञापन के माध्यम से सरकार को 5 व 6 नवंबर की दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का नोटिस दिया गया है। यदि 4 नवंबर तक हमारी मांगों के परिपत्र जारी नहीं हुए तो प्रदेश भर में रोडवेज का चक्का जाम करने पर मजबूर हो जाएंग। जिसकी जिम्मेदार सरकार खुद होगी।

रोडवेज कर्मचारियों की मुख्य मांगे इस प्रकार हैं…

प्राइवेट परमिट देने की योजना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना। परिचालक का पे-ग्रेड बढ़ाकर लिपिकों के समान तीन वेतन वृद्धि तथा 2008 के वंचित परिचालकों की जल्द प्रमोशन करना। चालकों को स्टैंड इंचार्ज का अलग पद सृजित कर पदोन्नति देना, चालकों को हैवी पे ग्रेड देना तथा 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करना। चालक परिचालक एवं निरक्षक उप निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों क़ो दे अर्जित अवकाश पूर्व की भांति देना। 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति। कई वर्षो से बकाया बोनस का भुगतान करना। सहायकों के पद बढ़ाना, S.A. की खाली पोस्टों को प्रमोशन से भरना। उप-अधीक्षक के नए पद सृजित करना व सुपरिटेंडेंट की प्रमोशन अवधि 12 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करना। चालक, परिचालक व कर्मशाला कर्मचारियों की नई भर्ती करना।2008 में भर्ती हुए चालक-परिचालकों को स्पेशल वेतन वृद्धि देना। हेड कारपेंटर, हेड टायरमैन को भी अन्य हेडों की तरह S.S.I. पद पर प्रमोशन देना आदि मांगे शामिल है।

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