- शिकायतों के बावजूद मरम्मत की रफ्तार धीमी
कविता.रोहतक : शहर की सड़कों और कॉलोनियों में खुले व क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। कई जगहों पर मैनहोल के ढक्कन टूट चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर ढक्कन धंस गए हैं। बारिश शुरू होने के साथ यह समस्या और गंभीर हो गई है। पानी भरने के कारण मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के साथ दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में लंबे समय से सीवर ढक्कनों की मरम्मत नहीं हुई है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समाधान नहीं हो पाया। कुछ स्थानों पर विभाग ने अस्थायी इंतजाम किए हैं, लेकिन स्थायी मरम्मत नहीं होने से परेशानी जस की तस बनी हुई है।
रोजाना हजारों वाहन इन रास्तों से गुजरते हैं। भारी वाहनों के दबाव से कई ढक्कन हिलने लगे हैं, जबकि कुछ पूरी तरह टूट चुके हैं। रात के समय और बारिश के दौरान स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाती है। लोगों का कहना है कि विभाग को शिकायत का इंतजार करने के बजाय नियमित निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त ढक्कनों को तुरंत बदलना चाहिए।
हर बारिश के साथ बढ़ जाता है डर
बारिश के बाद सड़क और मैनहोल में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लगता है। कई जगह तुरंत नए ढक्कन लगाए जाने चाहिए। -राजेश कुमार, निवासी मॉडल टाउन
दोपहिया चालकों के लिए सबसे बड़ा खतरा
टूटा हुआ ढक्कन सबसे ज्यादा बाइक और स्कूटी चालकों के लिए जोखिम पैदा करता है। कई बार लोग अचानक ब्रेक लगाते हैं और हादसे होते-होते बचते हैं।-सुनीता मलिक, निवासी इंद्रा कॉलोनी
शिकायत के बाद भी कार्रवाई धीमी
कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन केवल आश्वासन मिला। नियमित निरीक्षण होगा तो ऐसी नौबत ही नहीं आएगी। -विक्रम, व्यापारी, रेलवे रोड
प्रमुख बाजारों में भी बदहाल स्थिति
शहर के सेक्टर 1, सेक्टर 2 और 3 की मार्केट, हाउसिंग बोर्ड, रामगोपाल कॉलोनी, रेलवे रोड, गोहाना अड्डा, माता दरवाजा, जींद बाईपास, कच्चा बेरी रोड, टीबी अस्पताल के सामने, मॉडल टाउन, आंबेडकर कॉलोनी और इंद्रा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में सीवर मैनहोल क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग इन स्थानों पर जल्द मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
सीवर मैनहोल का समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण जरूरी है। पुराने और क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने के साथ उनकी गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। इससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी कम की जा सकती है। –सिविल इंजीनियर अजय

