Thursday, July 30, 2026
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जागो प्रशासन! हर वार्ड में मच्छर, हर घर में डर, फोगिंग अभी तक नहीं

  • मच्छरों ने बढ़ाई टेंशन, फोगिंग के बिना कैसे रुकेगा डेंगू
  • बारिश बढ़ी, मच्छरों का हमला तेज, फोगिंग का इंतजार

कविता.रोहतक : जिले में मानसून सक्रिय होने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। उत्तम नगर में डेंगू का एक मरीज मिलने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

शहर के 22 वार्डों में जगह-जगह छोटे गड्ढों, खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे और नालियों में बारिश का पानी जमा है, जो मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है। कई इलाकों में लोगों को बुखार, उल्टी और वायरल संक्रमण की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। इसके बावजूद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक व्यापक स्तर पर फोगिंग शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

डेंगू मरीज मिलने से बढ़ी चिंता, अब रोकथाम की सबसे बड़ी जरूरत

उत्तम नगर में डेंगू मरीज की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मरीज मिलने के बाद कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा। शहर के अधिकांश इलाकों में पहले से ही जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। यदि समय रहते फोगिंग नहीं की गई तो डेंगू के साथ अन्य मच्छरजनित बीमारियों के मरीज भी बढ़ सकते हैं। लोगों का कहना है कि बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय रोकथाम पर जोर दिया जाना चाहिए।

22 वार्डों में पानी जमा, हर गड्ढा बना मच्छरों की नर्सरी

बारिश के बाद शहर के लगभग सभी वार्डों में छोटे-बड़े गड्ढों में पानी जमा है। कई जगह नालियां ओवरफ्लो हैं तो कहीं खाली प्लॉटों में कई दिनों तक पानी नहीं निकल रहा। ऐसे स्थानों पर मच्छरों का लार्वा तेजी से विकसित होता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुबह और शाम मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों में एक साथ बुखार और वायरल के मरीज सामने आ रहे हैं।

डेंगू ही नहीं, ये बीमारियां भी बन सकती हैं खतरा

बरसात के मौसम में मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है। डेंगू में तेज बुखार, शरीर दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की आशंका रहती है। मलेरिया में ठंड लगकर तेज बुखार आता है, जबकि चिकनगुनिया में लंबे समय तक जोड़ों में दर्द बना रह सकता है। इसके अलावा मच्छरों के बढ़ने से वायरल बुखार के मामलों में भी वृद्धि देखने को मिलती है।

फोगिंग क्यों जरूरी, इससे कैसे मिलती है राहत

फोगिंग का उद्देश्य वयस्क मच्छरों की संख्या को तेजी से कम करना होता है। नियमित फोगिंग होने से संक्रमित मच्छरों का फैलाव घटता है और बीमारी फैलने की संभावना कम हो जाती है। यदि इसके साथ एंटी लार्वा दवा का छिड़काव और जलभराव खत्म करने का अभियान भी चलाया जाए तो मच्छरों की नई पीढ़ी बनने से रोकी जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फोगिंग तभी सबसे अधिक प्रभावी होती है, जब इसे समय पर और लगातार किया जाए।

फोगिंग नहीं हुई तो बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

यदि लगातार जलभराव बना रहा और फोगिंग में देरी हुई तो मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों में इजाफा होने की आशंका रहती है। अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ सकता है और संक्रमण एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक फैल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी फैलने के बाद नियंत्रण करना अधिक कठिन और खर्चीला होता है, इसलिए रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय है।

लोगों की मांग, तुरंत शुरू हो फोगिंग

शहरवासियों ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सभी 22 वार्डों में विशेष अभियान चलाकर फोगिंग कराई जाए। साथ ही नालियों की सफाई, जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी और खाली प्लॉटों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए तो डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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