Milk Price Hike : देशभर में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। अब रोज़मर्रा की सबसे जरूरी चीज़ों में शामिल दूध भी महंगा हो गया है। अमूल ने 14 मई 2026 से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अलग-अलग दूध उत्पादों पर प्रति लीटर 1 से 2 रुपये तक दाम बढ़ाए हैं। इसका सीधा असर लाखों परिवारों की रसोई और महीने के बजट पर पड़ने वाला है। अब सुबह की चाय, बच्चों का दूध, दही, पनीर और मिठाइयों तक का खर्च बढ़ जाएगा।
खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वाले परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि पहले से ही गैस सिलेंडर, सब्जियां, तेल और राशन के दाम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। कंपनी के अनुसार चारे और पशुओं के रखरखाव की लागत बढ़ने के कारण दूध के दाम बढ़ाने पड़े हैं। पिछले कुछ महीनों में पशुओं के चारे, भूसे, दाना और ट्रांसपोर्ट का खर्च लगातार बढ़ा है। गर्मी के कारण दूध उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। कई राज्यों में पशुओं को हरा चारा कम मिल रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है।
नई कीमतों के बाद अमूल गोल्ड यानी फुल क्रीम दूध अब कई शहरों में करीब 68 से 70 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं अमूल ताजा लगभग 58 से 60 रुपये प्रति लीटर और अमूल शक्ति करीब 62 से 64 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिकेगा। नई दरें दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में लागू होंगी। इसी तरह मदर डेयरी ने भी दूध के रेट बढ़ा दिए हैं।
मिठाई, चाय, कॉफी, दही, लस्सी, पनीर और आइसक्रीम भी महंगी होंगी
दूध के दाम बढ़ने का असर केवल दूध तक सीमित नहीं रहेगा। मिठाई, चाय, कॉफी, दही, लस्सी, पनीर और आइसक्रीम जैसी चीजें भी आने वाले दिनों में महंगी हो सकती हैं। छोटे डेयरी कारोबारियों और मिठाई दुकानदारों गौरव, नवीन, नीरज आदि का कहना है कि अगर दूध लगातार महंगा होता रहा तो उन्हें भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। शहरों में चाय बेचने वाले दुकानदारों की चिंता भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि पहले ही चीनी और गैस महंगी हो चुकी है, अब दूध के दाम बढ़ने से चाय की कीमत बढ़ाना मजबूरी बन सकती है।
घर का बजट ऐसे बिगड़ेगा
एक सामान्य परिवार रोजाना 2 से 3 लीटर दूध इस्तेमाल करता है। ऐसे में प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी से महीने का खर्च 120 से 180 रुपये तक बढ़ सकता है। अगर परिवार में बच्चे हैं या दूध से बने उत्पाद ज्यादा इस्तेमाल होते हैं तो यह खर्च और बढ़ेगा। महंगाई का असर सबसे ज्यादा उन परिवारों पर पड़ रहा है जिनकी आय सीमित है।
आखिर अचानक क्यों बढ़ रहे हैं दाम
विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले एक साल में कई कारणों से खाद्य वस्तुओं की लागत बढ़ी है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ा। मौसम में बदलाव और गर्मी के कारण खेती और डेयरी सेक्टर प्रभावित हुआ। पशुओं के चारे की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। इसके अलावा पैकेजिंग और बिजली खर्च बढ़ने का असर भी कंपनियां ग्राहकों पर डाल रही हैं। डेयरी सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर गर्मी और चारे की समस्या बनी रही तो आने वाले महीनों में दूसरे डेयरी ब्रांड भी कीमतें बढ़ा सकते हैं।
बाजार में पहले से महंगी हो चुकी ये चीजें
पिछले कुछ महीनों में रसोई का लगभग हर जरूरी सामान महंगा हुआ है। खाद्य तेल, दालें, मसाले, गैस सिलेंडर, सब्जियां और फल पहले ही आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। अब दूध के दाम बढ़ने से घरेलू खर्च पर और दबाव बढ़ेगा। सब्जी कारोबारियों साहिल का कहना है कि गर्मी बढ़ने से कई फसलों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं ट्रांसपोर्ट महंगा होने से मंडियों तक माल पहुंचाने की लागत भी बढ़ रही है। यही कारण है कि आने वाले समय में खाने-पीने की दूसरी वस्तुओं के दाम भी और बढ़ सकते हैं। लेकिन जब तक धरातल पर दाम नहीं बढ़ते कुछ कहा नहीं जा सकता।
मदर डेयरी का दूध भी 2 रुपये लीटर महंगा हुआ, नई दर आज से लागू
- फुल क्रीम दूध: 70 से बढ़कर 72/ रुपये लीटर
- टोंड दूध: ₹58 से ₹60/L
- डबल टोंड दूध: ₹52 से ₹54/L काऊ मिल्क: ₹60 से ₹62/L
- प्रो मिल्क: ₹70 से ₹72/L
- टोकन मिल्क: ₹56 से ₹58/L

