Friday, September 4, 2026
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एएनटीएफ-एफएसडीए की संयुक्त कार्रवाई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़

  • 9.60 लाख अल्प्राजोलाम टैबलेट, 1.20 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल और 720 कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद, छह गिरफ्तार
  • संयुक्त टीम ने मौके से सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद भी बरामद किए

लखनऊ : योगी सरकार की नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत एएनटीएफ लखनऊ यूनिट और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में 9.60 लाख एल्जोमैक-0.5 (एल्प्राजोलाम) टैबलेट, 1.20 लाख स्पैसमोनाम प्लस (ट्रामाडोल एचसीएल) कैप्सूल और कोडीन युक्त ओनेरेक्स 100 एमएल कफ सिरप की 720 बोतलें बरामद हुईं। बरामद दवाओं का कुल वजन करीब 228 किलोग्राम है। टीम ने सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। मामले में छह आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।

एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं की बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। 3 सितंबर को निगरानी के दौरान मकान संख्या एस-363/364 के सामने तीन लोग कार्टूनों को बोरियों में छिपाते मिले। तलाशी में किशन वासवानी, समीर अहमद और शाद इरशाद के कब्जे से नशीली दवाएं बरामद हुईं। मौके पर मौजूद एफएसडीए के औषधि निरीक्षकों ने तीनों दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए।

पूछताछ में किशन और समीर ने बताया कि दवाएं कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार से ली गई थीं। इसके बाद उमेश कुमार और सतेन्द्र सिंह को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि उमेश कुमार कथित तौर पर सतेन्द्र सिंह की फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल नशीली दवाओं की बिलिंग के लिए करता था और इसके बदले सतेन्द्र को कमीशन दिया जाता था।

एफएसडीए की जांच में कन्हैया फार्मा में प्रॉक्सीमेक-एसपीएएस कैप्सूल के 1,116 डिब्बों समेत सात प्रकार की दवाओं का भंडारण मिला। फर्म की ओर से दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित पूर्ण अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद कन्हैया फार्मा को सील कर दिया गया।

शाद इरशाद से पूछताछ में विशाल चौरसिया का नाम सामने आने पर टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में विशाल ने शाद को नशीली दवाएं उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि पूर्व में कोडीन के मामले में अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसका दवा लाइसेंस निरस्त हो चुका है। इसके बाद वह दूसरी फर्मों के माध्यम से नशीली दवाओं का कारोबार कर रहा था। उसने बरामद कोडीनयुक्त कफ सिरप बृजेश वर्मा से खरीदने की बात भी बताई है।

एएनटीएफ के अनुसार किशन वासवानी, समीर अहमद, शाद इरशाद, उमेश कुमार, सतेन्द्र सिंह और विशाल चौरसिया नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा पाए गए हैं। सभी छह आरोपियों को धारा 8/21/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। बरामद दवाओं का नियमानुसार न्यायालय के समक्ष नमूना करण कराया जाएगा। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई।

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