Monday, September 7, 2026
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हरियाणा बनेगा देश का प्रमुख AI हब, डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगी नई रफ्तार

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश को डिजिटल रूप से सशक्त और अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। हरियाणा को जल्द ही एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में ई-गवर्नेस और अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं की पहुंच को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्तमान में 25,201 अटल सेवा केंद्र पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17,085 ग्रामीण और 8,116 शहरी क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। इसके साथ ही, अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से 75 विभागों, बोर्डों और निगमों की 946 ऑनलाइन सेवाएं तथा योजनाएं आम जनता को घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए हरियाणा, केंद्र सरकार की डिजी लॉकर सेवा को अपनाने में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है, जहां वर्तमान में 228 प्रकार के दस्तावेज़ और प्रमाण-पत्र डिजिटल सत्यापन के लिए आसानी से उपलब्ध हैं।

आरती सिंह राव ने बताया कि जन-साधारण को पारदर्शी सेवाएं देने के लिए लोकायुक्त पोर्टल का संचालन किया जा रहा है और राज्य के सभी जिलों की समर्पित आधिकारिक वेबसाइट्स तैयार कर ली गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने हेतु ग्राम पंचायतों में 8,468 वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाए जा चुके हैं, वहीं प्रशासनिक कार्यों में गतिशीलता लाने के लिए प्रदेश के 44 विभागों और सभी जिलों में ‘ई-ऑफिस’ के जरिए कामकाज पूरा किया जा रहा है।

जन-समस्याओं के त्वरित समाधान को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए स्वाथ्य मंत्री ने साझा किया कि हर जिला मुख्यालय पर ‘सीएम विंडो’ की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से 31 अगस्त, 2026 तक 15.32 लाख से भी अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। सोशल मीडिया पर प्राप्त शिकायतों और उनके निवारण पर निगरानी रखने के लिए सरकार ने एक नया इन-हाउस सिस्टम ‘सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर’ भी विकसित किया है।

उन्होंने आगे बताया कि उक्त उपलब्धियों के अलावा, नागरिक अधिकारों की रक्षा करते हुए व्यवस्था बनाई गई है कि यदि किसी आवेदक को निर्धारित समय में सेवा प्राप्त नहीं होती है, तो उसका आवेदन स्वतः ही अपीलेट अथॉरिटी के पास चला जाता है। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार इन तमाम डिजिटल पहलों के जरिए प्रदेश में पारदर्शी, त्वरित और जवाबदेह शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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