- डिफेंस, रियल एस्टेट और ऑयल एवं गैस क्षेत्र में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का होगा निवेश
- एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग में 1,400 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी 2,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान प्रदेश को निवेश के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों के सकारात्मक परिणामस्वरूप हरियाणा में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
सीएम नायब सिंह सैनी बुधवार को गुजरात के गांधीनगर में बिजनेस लीडर्स और निवेशकों के साथ वन टू वन बैठक कर रहे थे। इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
एमओयू में मुख्य रूप से डिफेंस, रियल एस्टेट और ऑयल एंड गैस क्षेत्र में लगभग 25,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में 1,400 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। कंप्रेस्ड बायोगैस और सिविल एविएशन क्षेत्रों में भी निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं। दौरे के पहले दिन भी लगभग 12,000 करोड़ रुपये से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
सीएम नायब सिंह सैनी ने गुजरात प्रवास के दौरान विभिन्न उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और उन्हें हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों को राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल कारोबारी वातावरण की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योगों की स्थापना और निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरल प्रक्रियाएं, डिजिटल सुविधाएं तथा नियमानुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम ने कहा कि हरियाणा और गुजरात, दोनों ही राज्य उद्यमशीलता, विनिर्माण और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। दोनों राज्यों के उद्योगपतियों के बीच सहयोग बढ़ने से निवेश, तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता और रोजगार सृजन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। हरियाणा सरकार का लक्ष्य निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर प्रदेश को औद्योगिक विकास और विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाना है।
सीएम ने गुजरात के उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं का लाभ उठाने और हरियाणा में अपनी व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेशकों को एक ऐसा अनुकूल औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने कारोबार की स्थापना और विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में तेजी आए और प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योग जगत की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और निवेश की पूरी प्रक्रिया में उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, महानिदेशक यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध यादव, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक मानव मालिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

