- हरियाणा में गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी चौथी महिला पकड़ी गई
- अपराध की दुनिया में महिलाओं की बढ़ती भूमिका ने खड़े किए सवाल
कविता.रोहतक : गैंगस्टरों ने अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अब महिलाओं को भी शामिल करना शुरू कर दिया है। हरियाणा में लगातार सामने आ रही महिलाओं की गिरफ्तारियां इस नए ट्रेंड की ओर इशारा कर रही हैं। ताजा मामला रोहद टोल प्लाजा का है, जहां पुलिस ने पांच युवकों के साथ एक युवती को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि युवती करीब 25 हजार कारतूस लेकर उत्तर प्रदेश जा रही थी। इससे पहले टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में भी तीन महिलाएं गिरफ्तार हो चुकी हैं। इनमें दो सोनीपत और एक करनाल से पकड़ी गई थी। इस तरह इन मामलों में हरियाणा से जुड़ी चार महिलाओं की गिरफ्तारी सामने आई है। अब सवाल यह है कि गैंगस्टर महिलाओं को अपने नेटवर्क में क्यों शामिल कर रहे हैं और उनसे किस तरह के काम करवा रहे हैं।
शक से बचने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल
अपराध की दुनिया में महिलाओं की भूमिका बढ़ने के पीछे एक बड़ी वजह पुलिस की नजर से बचने की कोशिश हो सकती है। कई परिस्थितियों में महिलाओं पर उतना संदेह नहीं किया जाता, जितना पुरुषों पर होता है। गैंगस्टर इसी का फायदा उठाकर उनसे हथियारों, कारतूस और नकदी की आवाजाही जैसे काम करवा सकते हैं। इसके अलावा फर्जी पहचान, सिम कार्ड और बैंक खातों के इस्तेमाल में भी महिलाओं को माध्यम बनाया जा सकता है। हालांकि गिरफ्तार महिलाओं की वास्तविक भूमिका और उनके काम करने के तरीके की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सिर्फ हथियारों की सप्लाई नहीं, दूसरे कामों में भी भूमिका की आशंका
गैंगस्टर नेटवर्क में महिलाओं का इस्तेमाल केवल हथियार या कारतूस पहुंचाने तक सीमित नहीं हो सकता। पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जाता है कि कहीं उनका इस्तेमाल गैंग के सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखने, पैसों के लेन-देन, ठिकानों की जानकारी पहुंचाने और सोशल मीडिया के जरिए धमकी या रंगदारी के संदेश भेजने में तो नहीं हो रहा। जेल में बंद गैंगस्टर भी बाहर अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने के लिए दूसरे लोगों के संपर्कों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में महिलाओं की भूमिका और उनके संपर्कों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
तीन यूपी की, एक हरियाणा की, नेटवर्क के तार खंगाल रही पुलिस
अब तक सामने आए मामलों में गिरफ्तार चार महिलाओं में तीन उत्तर प्रदेश और एक हरियाणा की बताई जा रही है। अलग-अलग राज्यों की महिलाओं का एक ही तरह के अपराध नेटवर्क से जुड़ना पुलिस के लिए जांच का अहम पहलू है। रोहद टोल प्लाजा से पकड़ी गई युवती और पांच युवकों से पूछताछ में कारतूस की खेप कहां से आई और किसे पहुंचाई जानी थी, इसका पता लगाना जरूरी है। साथ ही पुलिस यह भी खंगाल सकती है कि इनके पीछे कौन सा गैंग सक्रिय है और दूसरे राज्यों में इनके संपर्क किन लोगों से हैं।
गैंगस्टर नेटवर्क का बदलता चेहरा
अब तक गैंगस्टर गिरोहों की चर्चा में पुरुषों का दबदबा दिखाई देता था, लेकिन हालिया गिरफ्तारियां बताती हैं कि अपराधी अपने नेटवर्क में महिलाओं को भी जगह दे रहे हैं। यह बदलाव पुलिस के लिए भी नई चुनौती है। अब जांच केवल गैंग के मुख्य सदस्यों और हथियार सप्लाई करने वालों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन लोगों की भूमिका भी सामने लानी होगी जो पर्दे के पीछे रहकर नेटवर्क को चलाने में मदद कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गैंगस्टर महिलाओं को अपने अपराध का सक्रिय भागीदार बना रहे हैं या उनकी आड़ में अपना नेटवर्क चला रहे हैं।

