चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में स्वच्छ वायु, हरित परिवहन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रैप (अनुपयोगी) वाहनों के पंजीकरण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने निजी तथा सरकारी विभाग अपने अनुपयोगी वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे, जिससे वाहन स्क्रैपिंग, पंजीकरण तथा संबंधित प्रक्रियाओं में सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को गति देने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर रेजिलिएंट जॉब्स, अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल्स परिषद (अर्जुन एसपीवी)’ के निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (HCAPSD) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों, परियोजनाओं की प्रगति तथा उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्वच्छ वायु, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण तथा कृषि अवशेष प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि हरियाणा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और अधिक सुदृढ़ कर सके।
इलेक्ट्रिक बस सेवाओं और हरित परिवहन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा
बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार, बस डिपो के विकास, चार्जिंग अवसंरचना के निर्माण तथा अगले चरण में 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सोनीपत में भी इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास की प्रगति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिले और नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में आवश्यक संशोधनों, राज्यभर में 100 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने संबंधी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
कृषि क्षेत्र में पराली प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने, किसानों के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए मांग आकलन एवं तकनीकी उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य उत्सर्जन सूची, ए.आई. आधारित निर्णय सहायता प्रणाली, विभिन्न विभागों के बीच आंकड़ों के आदान-प्रदान की व्यवस्था तथा सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा प्रत्येक परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, जन-जागरूकता अभियान, शिकायत निवारण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

