रोहतक : यमुना नदी में प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर मंडल आयुक्त श्रीमती मोनिका मलिक, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के उपरांत उपायुक्त सतबीर सिंह ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रेन नंबर-8 और केसीबी ड्रेन के सभी अनटैप्ड प्वाइंटों का संयुक्त रूप से निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सतबीर सिंह ने कहा कि ड्रेन नंबर-8 और केसीबी ड्रेन में किसी भी स्थिति में गंदा पानी नहीं जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से एक-एक करके उनके विभाग की कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त की तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। ड्रेन नंबर-8 से जुड़े विभिन्न डिस्चार्ज प्वाइंटों पर संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
बैठक में हिसार रोड स्थित आईडीसी के पास डिस्पोजल को एसटीपी से जोड़ने के लिए तैयार किए जा रहे एस्टीमेट तथा सुनारिया स्थित 40 एमएलडी एसटीपी के अपग्रेडेशन की स्थिति की समीक्षा की गई। केसीबी ड्रेन से संबंधित प्वाइंटों की भी समीक्षा की गई। कुछ गांवों में 3-पॉन्ड, 5-पॉन्ड सिस्टम अथवा माइक्रो एसटीपी अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि पहरावर में माइक्रो एसटीपी संबंधी कार्रवाई की जानकारी दी गई।
समीक्षा बैठक में सांपला की उपमंडलाधीश अंकिता पुवार, सहायक आयुक्त प्रशिक्षु विशाल सिंह, रोहतक के उपमंडलाधीश आशीष कुमार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राजीव राठी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


