हुड्डा के नहीं आएंगे अच्छे दिन, जाएंगे जेल!

गुरूग्राम। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आज भाजपा का “अच्छे दिन आने वाले है” का नारा जरूर याद कर रहे होंगे। एक के बाद एक हुड्डा पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। मानेसर जमीन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने हरियाणा में सियासत तेज कर दी है तो हुड्डा के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुड्डा के खिलाफ दो और नई सीबीआई जांच शुरू कराने का ऐलान किया है। इनमें एक जांच रोहतक और दूसरी सोनीपत जिले में अधिग्रहीत जमीनों की है। दोनों जगह करीब 1200 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी।

मानेसर जमीन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में रोहतक के उदार गगन केस का हवाला देते हुए वहां जमीन अधिग्रहण की जांच कराने की सलाह सरकार को दी है। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में सीबीआई जांच के आदेश कर दिए। रोहतक-दिल्ली रोड पर सेक्टर 27-28 के पास सनसिटी के नाम से करीब पौने पांच सौ एकड़ जमीन पिछली हुड्डा सरकार ने अधिग्रहीत की थी। इसी तरह से सोनीपत के खरखौदा में आइएमटी के लिए करीब 700 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। दोनों अधिग्रहण की सीबीआई जांच से पूर्व मुख्‍यमंत्री हुड्डा की मुश्किलें बढ़ना तय है।

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हुड्डा के लिए वक्त कितना खराब चल रहा है, ये पता करने के लिए यहीं काफी है कि हुड्डा के खिलाफ दो नई जांच शुरू करने के बाद अब उनके खिलाफ एक साथ छह जांच चलेंगी। बाकी चार जांच पंचकूला का एजेएल प्लाट आवंटन मामला, पंचकूला का ही इंडस्ट्रीयल प्लाट आवंटन मामला तथा मानेसर में जमीन अधिग्रहण घोटाला शामिल है। एक जांच रैक्सील खरीद की चल रही है। एक तरीके से कहा जाए तो हुड्डा के लिए बुरे दिन शुरू हो चुके है और अब हुड्डा अच्छे दिनों की ताक में बैठे होंगे। वक्त ही बताएगा कि हुड्डा इन सभी जांच से पाक साफ निकलते है या उनको जेल जाना पड़ेगा।