रोहतक वालों के लिए खुशखबरी, शहर में लगेंगे चार-चांद

रोहतक। देश के पहले ऐलिवेटिड ट्रैक का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 17 मार्च को रोहतक में करेंगे। इस परियोजना को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। जिससे निर्माण कार्य में अब कोई बाधा उतपन्न नहीं होगी। ऐलिवेटिड ट्रैक को 18 महीने में 315 करोड़ रूपए से निर्मित करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रैक अपने निर्धारित समय से लगभग 3-4 महीने पहले ही निर्मित हो जाने की संभावना है।

परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए रोहतक के भाजपा विधायक एवं सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने काफी प्रयास किए और रेल मंत्रालय से कई बार संपर्क साधा तब जाकर यह योजना फलीभूत हो पाई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्याकाल में भी इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए मकड़ौली से रोहतक तक बाईपास रेलवे लाइन बनाने की योजना थी। लेकिन किसानों ने अपनी कृषि जमीन रेलवे को देने से इंकार कर दिया। जिस कारण यह योजना अधर में लटक गई।

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सत्ता परिवर्तन होने के बाद प्रदेश में भाजपा सरकार ने रेलवे बाईपास योजना को रद्द करते हुए ऐलिवेटिड ट्रैक बनाने की योजना तैयार की और रेलवे विभाग से संपर्क साधा। 2-3 वर्षों के प्रयास के बाद इस योजना को रेल मंत्रालय व नीति आयोग से मंजूरी मिली। यह योजना अब जाकर सीरे चढ़ पाई है। इस योजना के क्रियान्वन में प्रदेश सरकार भी अपनी हिस्सेदारी वह करेगी। सूत्रों के अनुसार रेलवे विभाग इस परियोजना पर लगभग 30 फीसदी वह ही केरगा। ऐलिवेटिड ट्रैक बनने से रोहतक शहर में बने रेलवे फाटकों से हो रहे जाम से छूटकारा मिल जाएगा।

रेलवे विभाग ऐलिवेटिड ट्रैक को इस प्रकार डिजाइन कर रहा है कि भविष्य में रोहतक-गोहाना-पानीपत तक दोहरी रेलवे लाइन बिछाई जा सके। इसे ऐलिवेटिड ट्रैक के बनने से लगभग 2 लाख की जनसंख्या को रेलवे लाइन के पास फैल रही रही गंदगी से भी छूटकारा मिलने की आशा है। यहीं नहीं नगर निगम रेलवे ट्रेक के स्थान पर सड़क भी बनाने की योजना तैयार कर रहा है। वहीं बढ़ते प्रदुष्ण पर लगाम लगाने के लिए रेलवे विभाग, हरियाणा सरकार व नगर निगम मिलकर हटाई गई रेलवे लाइन पर लगभग एक किलोमिटर तक लंबे पार्क को विकसित करने की योजना बना रहा है। इस परियोजना के क्रियान्वित होने से रोहतक के सौंदर्यकरण में और चार चांद लगने वाले है।

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