भाजपा ने खेला गैर जाट कार्ड

रोहतक। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा में डॉ डीपी वत्स को भेजने का फैसला करके एक तीर से कई शिकार किए है। हरियाणा में भाजपा के पास कहने के तो अनेक ब्राह्मण नेता है लेकिन रामबिलास शर्मा के बराबर का नेता की कमी साफ दिखाई दे रही थी। बताया जाता है कि रामबिलास शर्मा व मुख्यमंत्री के बीच कहीं ना कहीं विरोधाभास साफ झलक रहा था। रामबिलास शर्मा के बराबर में डीपी वत्स को न केवल खड़ा कर दिया है बल्कि प्रदेश के 26 लाख ब्राह्मण को यह अहसास कर दिया कि वह ब्राह्मणों के विरोधी नहीं है।

भाजपा प्रदेश में जब से सत्ता पर काबिज हुई है तब से कही न कही आंदोलनों से ग्रस्त रही है। इसमें सबसे अहम आंदोलन जाट आंदोलन रहा है। डीपी वत्स को राज्यसभा सांसद बनाने पर ब्राह्मणों के साथ-साथ गैर जाट का कार्ड भी खेला है। यह तो भविष्य की गर्भ में है कि डीपी वत्स कितने ब्राह्मणों को भाजपा से जोड़ पाएंगे। फिलहाल भाजपा ने गैर जाट का कार्ड जरूर खेल दिया है। आने वाले समय में भाजपा यूपी की तर्ज पर गैर मुस्लिम वाला कार्ड हरियाणा में गैर जाट के रूप में बदल सकती है।

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