इनेलो की रैली देख उड़ी भाजपा-कांग्रेस की नींद

रोहतक। इंडियन नेशनल लोकदल की 7 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान अधिकार रैली के सफल आयोजन से सभी विपक्षी दलों की आंखें खुल गई है। रैली में उमड़ी भीड़ ने स्पष्ट रूप से प्रदेश के किसानों की घौर उपेक्षा को प्रदर्शित किया। भीड़ ने प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला का जेल भरो अंदोलन का हाथ उठाकर जिस प्रकार समर्थन किया उससे सत्तारूढ़ भाजपा भी सकते में आ गई है और वो अपनी कृषि नीति पर पुन: विचार करने पर मजबूर होगी हालांकि सभी विपक्षी दल किसान अधिकार रैली को फ्लॉप शो बताकर इनेलो के इस प्रयास को असफल बता रहे है।

अधिकार रैली में युवा सांसद दुष्यंत चौटाला, प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला, रामपाल माजरा, करण-अर्जुन आदि ने किसानों की दुर्दशा को जोरदार शब्दों में उठाकर सरकार को घेरा। जब मंच से इनेलो नेताओं ने घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर किसानों के सभी कर्जे माफ किए जाएंगे तो उपस्थित भीड़ ने जबरदस्त जोश दिखाकर उसका स्वागत किया।

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किसान अधिकार रैली में सभी वक्ताओं ने प्रदेश के साथ-साथ देश में किसानों की दुर्दशा मुद्दा बनाकर भाजपा सरकार को निशाना बनाया। कर्जे में डूबे किसानों द्वारा आत्महत्या की घटना बढ़ने पर सरकार को घेरते हुए रैली माध्यम से बैंकों में हुए करोड़ों रूपए के घोटालों का मुद्दा भी छाया रहा। प्रदेश में किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। यही नहीं उन्हें बिजली भी काफी कम समय उपलब्ध होती है, जिसके चलते वो अपना बिजली पर आधारित कृषि उपकरणों को प्रयोग कम कर पाते है। प्रदेश भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एसवाइएल का निर्माण कराने, सिंचाई के लिए पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, खेती के लिए बिजली आपूर्ति बढ़ाने, फसलों का उचित मूल्य दिलाने, डॉ स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट आदि लोक लुभावन वायदे किए थे। लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा इन वायदों से मुकर गई। आज सभी राजनीतिक दल किसानों के हितों के मुद्दे उठाकर उनका वोट प्राप्त करने में लगे हुए है लेकिन धरातल पर उनकी जायज मांगों को क्रियान्वित करने में सदा आनाकानी करते आए है।

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किसान अधिकार रैली में उमड़ी भीड़ ने ये सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश में किसानों का जन आधार काफी बढ़ा है, जिसके चलते कांग्रेस और सत्तारूढ़ दल भाजपा को अपनी नीतियों में परिवर्तन करके किसानों के हित के अधिक मुद्दे उठाने होंगे। किसान अधिकार रैली में चौटाला परिवार ने जिस प्रकार से किसानों के हितों के मुद्दों को उठाया और उससे उपस्थित सभी किसान बड़े प्रभावित हुए बताए जाते है। रैली में रोहतक जिले की भागीदारी भी काफी महत्वपूर्ण रही। स्थानीय इनेलो नेताओं का दावा है कि किसान अधिकार रैली में जाट लैंड रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद आदि क्षेत्रों से भारी संख्या में किसान शामिल हुए। किसान अधिकार रैली को ऐतिहासिक बताकर इनेलो नेता अपनी पीठ थपथपाने में पीछे नहीं है। इस सफल रैली के आयोजन से प्रदेश में इनेलो का दबदबा बढ़ना स्वाभाविक ही है।