देश को चोटी के पहलवान देने वाले सुंडाना के चांदरूप ‘हार’ गए जीवन की कुश्ती

रोहतक : द्रोणाचार्य अवार्डी और प्रख्यात पहलवान कप्तान चांद रूप का आज उनके पैतृक गांव सुंडाणा में अंतिम संस्कार हुआ। 88 वर्षीय चांद रूप ने बीती शाम दिल्ली में अंतिम सांस ली। देश को 500 से अधिक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहलवान देने वाले चांद रूप को 2010 में द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया। 1930 में जन्मे पहलवान चांद रूप जनवरी 1948 में सेना की ग्रेनेडियर रेजीमेंट में भर्ती हुए। जुलाई 1979 में कप्तान रैंक से सेवानिवृत्त होकर गांव में वैदिक व्यायामशाला स्थापित की। उनके तीन पुत्र स्व. सतबीर सिंह, शमशेर सिंह और रणबीर सिंह कोच थे। दिल्ली स्थित अखाड़े में 8 मई को उनकी याद में शोक सभा रखी गई है।

उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में कलानौर की विधायक शकुंतला खटक, महम के विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व विधायक डा. बीरेंद्र पाल, ओलिंपिक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त, अर्जुन अवार्डी रोहतास दहिया, भारत केसरी एवं अर्जुन अवार्डी सुभाष, भारत केसरी एवं अर्जुन अवार्डी संजय, भारत केसरी नेगपाल, भारत केसरी सोनू, भारत केसरी सुरेश, अर्जुन अवार्डी धर्मेन्द्र दलाल, संजय बाडी, अर्जुन अवार्डी अशोक गर्ग, भारत केसरी संजय सुंडाणा, भारत केसरी जोगेंद्र ओचन्दी, भारत केसरी कृष्ण भापडौदा, रणबीर ढाका, इंटरनेशनल रेफरी जगबीर दहिया, द्रोणाचार्य अवार्डी रामफल मान, हरियाणा केसरी अशोक लोआ, हरियाणा केसरी राजकुमार काला, धन्ना पहलवान, प्रवीन भोला, पदमश्री सतपाल पहलवान, बब्बी पहलवान पानीपत, ईश्वर दहिया कोच, चेयरमैन योगेश सिलानी, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष एवं सांसद बृजभूषण शरण सिंह, द्रोणाचार्य अवार्डी राजसिंह तथा अर्जुन अवार्डी राजीव तोमर और सुमित मान, कलानौर के तहसीलदार राकेश मलिक मुख्य रूप से शामिल हुए।

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